वन विभाग की सफलता का आधार बजट व्यय नहीं, धरातल पर दिखने वाले परिणाम होंगे: वनमंत्री केदार कश्यप
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक में वन संरक्षण, कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध कटाई पर तत्काल कार्रवाई, सूचना तंत्र मजबूत करने तथा अचानकमार और इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सफारी संचालन की दिशा में कार्ययोजना बनाने को कहा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि वन विभाग की सफलता केवल बजट खर्च करने से तय नहीं होगी, बल्कि बजट से धरातल पर दिखाई देने वाले परिणाम, प्रभावी वन संरक्षण, कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी इसके प्रमुख आधार होंगे। उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना और जिम्मेदारी के साथ काम करने तथा विभागीय कार्यों की नियमित और साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के समापन अवसर पर अधिकारियों को संबोधित करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में कई वनमंडल अधिकारियों ने बजट व्यय के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। अब खर्च के साथ उससे हासिल परिणामों और कार्यों की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में बजट व्यय को अधिकारियों के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल राशि खर्च करना उपलब्धि नहीं है। यह देखा जाएगा कि खर्च की गई राशि से वन संरक्षण, वृक्षारोपण, वनवासियों की आजीविका और विभागीय योजनाओं में कितने ठोस परिणाम सामने आए हैं। कार्यों की सतत निगरानी के लिए आवश्यकता के अनुसार भौतिक और वर्चुअल बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
वनाश्रित समुदायों को वनोपज का उचित मूल्य दिलाने पर जोर देते हुए कश्यप ने कहा कि वन प्रबंधन मूल रूप से समुदाय आधारित व्यवस्था है। अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड भ्रमण करना चाहिए, ताकि जमीनी स्तर पर जवाबदेही बढ़े और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। विभागीय और निविदा के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने के निर्देश दिए गए।
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी मंत्री ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजार दर से बहुत कम कीमत पर खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच की जाए। किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या समायोजन की प्रथा स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी खरीद निर्धारित नियमों के अनुसार की जानी चाहिए।
वन संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने अवैध कटाई पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूचना तंत्र इतना मजबूत होना चाहिए कि जंगल में होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी सबसे पहले विभाग को मिले। सूचना मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ईको-टूरिज्म के विकास पर मंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बेहतर होने के साथ पर्यटन की संभावनाएं बढ़ी हैं। इन क्षेत्रों में प्रकृति और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए ईको-टूरिज्म विकसित किया जाए। प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने और सीमेंट-कंक्रीट संरचनाओं का न्यूनतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
वन्यजीव संरक्षण की समीक्षा के दौरान कश्यप ने अचानकमार टाइगर रिजर्व और इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सफारी संचालन शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। कांकेर क्षेत्र में भालुओं के सुरक्षित पुनर्वास और रिलोकेशन के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने तथा सभी जिलों में वन्यजीवों के त्वरित बचाव के लिए आवश्यक एनिमल रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने कहा कि वन और वन्यजीव राज्य की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण के साथ वनवासियों की आजीविका, सुशासन और कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि विभागीय योजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई दे।