सहपाठियों की कथित छेड़छाड़ से आहत एकलव्य विद्यालय की नाबालिग छात्रा ने की आत्महत्या का प्रयास, हालत गंभीर
मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले के केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 16 वर्षीय आदिवासी छात्रा ने कथित रूप से सहपाठियों द्वारा चिढ़ाए जाने से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया। छात्रा को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान,मोहला मानपुर | मोहला-अंबागढ़ चौकी। मोहला-अंबागढ़ चौकी जिले में संचालित केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय से एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। विद्यालय में अध्ययनरत एक 16 वर्षीय नाबालिग आदिवासी छात्रा ने कथित रूप से सहपाठियों द्वारा लगातार चिढ़ाए जाने से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया। छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंबागढ़ चौकी से मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह छात्रा मोहला थाना क्षेत्र के एक आदिवासी परिवार से ताल्लुक रखती है और केंद्रीय एकलव्य आवासीय विद्यालय में कक्षा दसवीं की छात्रा है। गुरुवार दोपहर स्कूल अवधि के दौरान छात्रा ने फिनायल पी लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन द्वारा उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंबागढ़ चौकी ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, छात्रा सहपाठियों की कथित छिटाकशी और मानसिक दबाव से परेशान थी। हालांकि, स्कूल प्रबंधन द्वारा इस पूरे मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि घटना को शाला परिसर तक ही सीमित रखने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में जानकारी देने के लिए विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद प्रकाश एवं सहायक आयुक्त संजय कुर्रे से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
इस प्रकरण में एक और गंभीर लापरवाही सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, छात्रा को अस्पताल ले जाने और राजनांदगांव रेफर किए जाने के बावजूद परिजनों को समय पर सूचना नहीं दी गई। परिजनों को इस घटना की जानकारी अन्य स्रोतों से बाद में मिली, जिससे उनमें आक्रोश और चिंता का माहौल है।
घटना की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंबागढ़ चौकी से गुरुवार शाम पुलिस को डॉक्टरी मेमो भेजा गया है। स्थानीय पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है, हालांकि अब तक उच्च अधिकारियों को औपचारिक जानकारी नहीं दी गई थी।
यह घटना एकलव्य विद्यालयों में विद्यार्थियों की मानसिक सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आदिवासी प्रतिभाओं को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से संचालित इन विद्यालयों में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।