खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: कबीरधाम जिले के 1.09 लाख किसानों ने बेचा 5.83 लाख मीट्रिक टन धान, 1294 करोड़ रुपये का भुगतान

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कबीरधाम जिले में 1.09 लाख से अधिक किसानों ने 5.83 लाख मीट्रिक टन धान का विक्रय किया। अब तक 1294 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है।

Jan 29, 2026 - 17:21
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खरीफ विपणन वर्ष 2025-26: कबीरधाम जिले के 1.09 लाख किसानों ने बेचा 5.83 लाख मीट्रिक टन धान, 1294 करोड़ रुपये का भुगतान

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कबीरधाम जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, तेज और पारदर्शी रूप से संचालित की जा रही है। जिले के 1 लाख 9 हजार 321 किसानों द्वारा अब तक कुल 5 लाख 83 हजार 651 मीट्रिक टन धान का विक्रय किया जा चुका है। इसके एवज में किसानों को 1294 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई डिजिटल और समयबद्ध भुगतान प्रणाली के कारण किसानों में उत्साह का माहौल है। न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित किए जाने से किसानों को उनकी उपज का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिल रहा है। जिले के खरीदी केंद्रों पर किसानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।

कलेक्टर  गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा सभी धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भुगतान व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि धान विक्रय के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है।

तेज भुगतान प्रक्रिया के चलते किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आगामी कृषि कार्यों की योजना सहजता से बना पा रहे हैं। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों से धान उठाव कार्य भी लगातार जारी है। अब तक टीओ और डीओ मिलाकर कुल 2 लाख 23 हजार 607 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।

धान उठाव और परिवहन व्यवस्था को और अधिक गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी केंद्रों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे और किसानों को धान विक्रय में कोई बाधा न हो।

खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, माइक्रो एटीएम, सुरक्षा व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता सहित सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। आगामी दिनों में बड़ी संख्या में किसानों के केंद्रों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। तौल, परिवहन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।