एकलव्य स्कूल चिचाड़ी में विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कोंडागांव जिले के फरसगांव स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल चिचाड़ी में विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। विद्यार्थियों ने लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। इस अवसर पर कक्षा 6वीं के नवप्रवेशित विद्यार्थियों का प्रवेश उत्सव और नवपदस्थ शिक्षकों का स्वागत समारोह भी आयोजित किया गया।

Aug 11, 2026 - 12:52
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एकलव्य स्कूल चिचाड़ी में विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l जिले के फरसगांव नगर में स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल चिचाड़ी में विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। विद्यालय की प्राचार्य अनीता मंडावी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोककला पर आधारित विभिन्न रंगारंग प्रस्तुतियां देकर समारोह को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि छेरकू राम नेताम एवं विद्यालय की प्राचार्य अनीता मंडावी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने लोकनृत्य, लोकगीत, गीत-संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश कीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत की मनमोहक झलक देखने को मिली।

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, पालकों और विद्यालय परिवार का मन मोह लिया। पूरे विद्यालय परिसर में तालियों की गूंज के साथ विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हुआ स्वागत

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विद्यालय में कक्षा 6वीं के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रवेश उत्सव का भी आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार ने नए विद्यार्थियों का आत्मीयता के साथ स्वागत किया और उन्हें विद्यालय के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक वातावरण से परिचित कराया।

इसी दौरान विद्यालय में नवपदस्थ शिक्षकों के स्वागत समारोह का आयोजन भी किया गया। विद्यालय परिवार ने नए शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए उनके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने विश्व आदिवासी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की भाषा, लोककला, परंपराएं, संस्कृति और प्रकृति के साथ जुड़ी जीवनशैली भारतीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है।

वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति पर गर्व करने तथा शिक्षा के साथ अपनी पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध विरासत को संरक्षित करने का संदेश भी दिया गया।

विद्यालय परिवार की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य अनीता मंडावी के मार्गदर्शन के साथ विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और पालकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह में विद्यालय परिवार के सदस्य, विद्यार्थी एवं पालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा उन्हें गर्व के साथ आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न आयोजनों के साथ समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।