दोन्देकला में फ्लाई ऐश डंपिंग का ग्रामीणों ने किया विरोध, प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित

रायपुर के पास स्थित ग्राम दोन्देकला में अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योगों से निकलने वाली राखड़ के कारण हवा और पानी प्रदूषित हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। भाजपा नेताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

May 23, 2026 - 15:12
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दोन्देकला में फ्लाई ऐश डंपिंग का ग्रामीणों ने किया विरोध, प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर से करीब 16 किलोमीटर दूर बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत दोन्देकला इन दिनों फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि बंद पड़े चूनापत्थर खदानों में उद्योगों से निकलने वाली फ्लाई ऐश यानी राखड़ को बड़े पैमाने पर डंप किया जा रहा है, जिससे आसपास के गांवों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और ग्रामीण लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार NTPC के सीपत प्लांट और Adani Power के रायखेड़ा संयंत्र से निकलने वाली फ्लाई ऐश को विभिन्न ट्रांसपोर्टरों द्वारा हाइवा और बड़े ट्रकों के जरिए दोन्देकला लाकर डंप किया जा रहा है। आरोप है कि राखड़ खुले तरीके से डाली जा रही है, जिसके कारण हवा में धूल उड़ रही है और आसपास के गांवों में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि राखड़ से भरे ट्रकों के कारण पूरे इलाके में धूल का गुबार बना रहता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और आंखों में जलन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि फ्लाई ऐश पानी से भरे पुराने खदानों में डाली जा रही है, जिससे आसपास के जलस्रोत भी प्रदूषित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रदूषित पानी पीने से ग्रामीणों में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130B से लगे खदानों में फ्लाई ऐश डंप की जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक उड़ती राख वाहन चालकों की आंखों में चली जाती है और धूल के कारण सड़क पर दृश्यता काफी कम हो जाती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है और कई बार हादसे भी हो चुके हैं।

ग्रामीणों की मांग पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री Ashok Sinha, भाजपा युवा नेता Suraj Tandon तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने फ्लाई ऐश डंपिंग बंद करने की मांग उठाई और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाकर कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार, खनिज विभाग और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। जानकारी के अनुसार तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी द्वारा संबंधित ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ पंचनामा कार्रवाई की गई। वहीं पर्यावरण विभाग ने भी नोटिस जारी कर मौखिक रूप से डंपिंग कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं।

इस मामले में भाजपा युवा नेता सूरज टंडन ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार फ्लाई ऐश का परिवहन बंद टैंकर या मैकेनिकली कवर ट्रकों से किया जाना चाहिए। साथ ही धूल नियंत्रण और वृक्षारोपण जैसी व्यवस्थाएं भी अनिवार्य हैं, लेकिन यहां किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।

भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अशोक सिन्हा ने कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फ्लाई ऐश डंपिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।