श्याम घुनघुटा डेम में 17 जनवरी को होगा जिला स्तरीय आपदा मॉक अभ्यास

सरगुजा जिले में 17 जनवरी 2026 को श्याम घुनघुटा डेम, दरिमा में जिला स्तरीय आपदा मॉक अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न एजेंसियां भाग लेंगी, जिससे आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखा जाएगा।

Jan 15, 2026 - 12:17
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श्याम घुनघुटा डेम में 17 जनवरी को होगा जिला स्तरीय आपदा मॉक अभ्यास

UNITED NEWS OF ASIA.आकाश सोनकर, सरगुजा। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), भारत सरकार के वार्षिक कैलेंडर वर्ष 2025-26 के अंतर्गत देशभर में जिला स्तरीय मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले में 17 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे श्याम घुनघुटा डेम, दरिमा में जिला स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित किया जाएगा।

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े दलों की तैयारियों, संसाधनों और आपसी समन्वय की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

मॉक अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), फायर ब्रिगेड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं अन्य आपदा बचाव से संबंधित दल सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस दौरान संभावित आपदा परिदृश्य का अभ्यास करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया जाएगा।

कलेक्टर  अजीत वसंत द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस जिला स्तरीय मॉक अभ्यास हेतु अपर कलेक्टर  सुनील कुमार नायक (मोबाइल नंबर 9555076760) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी के नेतृत्व में सभी संबंधित विभागों को उनकी भूमिकाएं एवं जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मॉक ड्रिल से पूर्व तैयारियों की समीक्षा और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए टेबल टॉप अभ्यास बैठक का आयोजन 16 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में किया जाएगा। इस बैठक में सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे और मॉक अभ्यास की रूपरेखा, दायित्वों एवं आपसी समन्वय पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के नियमित मॉक अभ्यास से आपदा प्रबंधन तंत्र अधिक सशक्त होगा तथा आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करने में सहायता मिलेगी। यह अभ्यास जिले की आपदा पूर्व तैयारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।