खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: राइस मिल में लाखों क्विंटल धान-चावल की गड़बड़ी उजागर
धमतरी जिले के कुरूद स्थित अमृत एग्रोटेक राइस मिल में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। लाखों क्विंटल धान और चावल के स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद प्रशासन ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी। धमतरी जिले में खाद्य विभाग द्वारा की गई एक बड़ी कार्रवाई में राइस मिल में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर 27 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की टीम ने कुरूद स्थित मेसर्स अमृत एग्रोटेक राइस मिल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में धान और चावल के स्टॉक में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए फर्म द्वारा कस्टम मिलिंग के तहत 1,27,999.9 क्विंटल धान का अनुबंध किया गया था। इसके विरुद्ध मिल द्वारा 1,11,584.5 क्विंटल धान का उठाव किया गया। नियमानुसार इस उठाव के आधार पर 76,346.26 क्विंटल चावल शासन को जमा किया जाना था, लेकिन मिल संचालकों ने केवल 34,970.02 क्विंटल चावल ही जमा किया। इस प्रकार 41,376.24 क्विंटल चावल अब तक जमा नहीं किया गया है, जो गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को दर्शाता है।
इसके अलावा, जब टीम ने मिल परिसर का भौतिक सत्यापन किया तो वहां 54,715 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा में धान का गायब होना न केवल आर्थिक नुकसान का संकेत देता है, बल्कि इसमें संभावित गड़बड़ी या हेराफेरी की आशंका भी जताई जा रही है।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि मिल संचालक द्वारा आवश्यक बी-1 दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए थे। साथ ही खाद्य विभाग को मासिक विवरणी भी नहीं सौंपी गई थी, जो नियमों के तहत अनिवार्य है। मिल परिसर में स्टॉक बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं पाया गया, जिससे पारदर्शिता की कमी साफ तौर पर नजर आई।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सभी कृत्य छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन हैं। इसके साथ ही यह आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
इस मामले में खाद्य विभाग ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच दल में सहायक खाद्य अधिकारी श्री भेलेन्द्र कुमार ध्रुव, खाद्य निरीक्षक श्री निलेश चन्द्राकर और श्रीमती नीतू सिंह नेताम शामिल रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को विस्तार से जांचा।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इस कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जिले में पंजीकृत राइस मिलरों द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कस्टम मिलिंग कार्य में देरी, चावल जमा नहीं करने या धान के उठाव में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित मिलरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से जिले के अन्य राइस मिल संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।