55 की उम्र में पूरा किया अधूरा सपना: धमतरी की कौशल्या साहू ने मनोविज्ञान में हासिल की एमए की डिग्री
धमतरी की 55 वर्षीय कौशल्या साहू ने कोरोना महामारी में पति को खोने के बाद जीवन से हार मानने के बजाय शिक्षा को नया लक्ष्य बनाया। शादी के 30 साल बाद दोबारा पढ़ाई शुरू कर उन्होंने मनोविज्ञान में एमए की डिग्री हासिल की और यह साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी की रहने वाली 55 वर्षीय कौशल्या साहू ने अपने जीवन संघर्ष और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया है कि सपनों को पूरा करने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। कोरोना महामारी के दौरान पति को खोने के बाद जब जीवन कठिन दौर से गुजर रहा था, तब उन्होंने हार मानने के बजाय शिक्षा को अपनी नई ताकत बनाया। करीब 30 वर्षों तक पढ़ाई से दूर रहने के बाद उन्होंने दोबारा कॉलेज में प्रवेश लिया और वर्ष 2026 में मनोविज्ञान विषय से एमए की डिग्री प्राप्त कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।