बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि जिले में किसी भी प्रकार के विवाह, सामाजिक, धार्मिक या अन्य आयोजनों के दौरान रात्रि 10:00 बजे के बाद तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम एवं डीजे पूरी तरह बंद रखना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जाता है तो संबंधित भवन संचालक और डीजे संचालक दोनों के विरुद्ध कोलाहल अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई Supreme Court of India के दिशा-निर्देशों के पालन के तहत की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि डीजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह अनुमति भी केवल रात्रि 10:00 बजे तक ही वैध रहेगी। निर्धारित समय के बाद किसी भी परिस्थिति में ध्वनि यंत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भवन मालिकों एवं भवन संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने परिसरों को विवाह, सामाजिक या धार्मिक आयोजनों के लिए किराए पर देते समय शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी आयोजकों को अनिवार्य रूप से दें। साथ ही आयोजकों को एसडीएम कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से अनुमति हेतु आवेदन करना होगा और प्राप्त पावती को आवश्यकतानुसार प्रस्तुत करना भी अनिवार्य रहेगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा आम नागरिकों की शांति और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ध्वनि नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। देर रात तक बजने वाले तेज साउंड सिस्टम से बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को विशेष रूप से परेशानी होती है, जिसे रोकना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने भवन संचालकों और डीजे संचालकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नियमों का पालन कर वे प्रशासन का सहयोग करें, ताकि जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे।
इस बैठक में अभिषेक चतुर्वेदी (सीएसपी), प्रिया गोयल (नगर निगम आयुक्त), पीयूष तिवारी (अनुविभागीय अधिकारी राजस्व), पी.सी. सार्वा (नगर निगम उपायुक्त) तथा कुसुम प्रधान (तहसीलदार) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने अंत में स्पष्ट संदेश दिया कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था नियमों की अनदेखी करते हुए रात्रि 10 बजे के बाद डीजे या तेज साउंड का उपयोग करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध बिना किसी चेतावनी के कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय जिले में शांति, स्वास्थ्य और अध्ययन के अनुकूल वातावरण बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।