छत्तीसगढ़ के 97 डीएवी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक सम्पन्न, नई शिक्षा नीति और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर हुई चर्चा

भिलाई में आयोजित छत्तीसगढ़ के 97 डीएवी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक में नई शिक्षा नीति के पालन, विद्यार्थियों के शैक्षणिक उन्नयन, मानसिक सशक्तिकरण और परीक्षा तैयारी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीबीएसई छत्तीसगढ़ प्रमुख जगदीश बर्मन ने विद्यालयों से विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर देने की बात कही।

Nov 3, 2025 - 13:28
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छत्तीसगढ़ के 97 डीएवी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक सम्पन्न, नई शिक्षा नीति और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर हुई चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित 97 डीएवी विद्यालयों के प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक डीएवी हुडको, भिलाई (दुर्ग) में आयोजित की गई। इस बैठक के मुख्य अतिथि जगदीश बर्मन (सीबीएसई, रायपुर) रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थान प्रक्षेत्र ‘अ’ के क्षेत्रीय अधिकारी प्रशांत कुमार ने की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, परीक्षा की तैयारी, मानसिक सशक्तिकरण और उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने हेतु सामूहिक रणनीति बनाना था। अपने संबोधन में सीबीएसई प्रमुख जगदीश बर्मन ने कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में विद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व, अनुशासन, नैतिकता और नेतृत्व क्षमता के विकास में भी अहम योगदान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डीएवी संस्थान अपनी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है, और यह आवश्यक है कि सभी विद्यालय एकजुट होकर विद्यार्थियों के हित में कार्य करें। शिक्षा के क्षेत्र में एक समान और सशक्त वातावरण तैयार करने से ही उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

बैठक में कई बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शिक्षण पद्धतियों में नई तकनीक का उपयोग, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से समग्र विकास, तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास शामिल थे।

नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के पालन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्राचार्यों ने अपने विद्यालयों के अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों की प्रगति को बढ़ाने के लिए कई नवाचारों का सुझाव दिया।

कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए मेजबान विद्यालय डीएवी हुडको, भिलाई की टीम ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। अंत में जगदीश बर्मन ने कहा कि डीएवी विद्यालयों की सबसे बड़ी शक्ति उनका आपसी सहयोग और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण है।

बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जहां सभी प्राचार्यों ने संकल्प लिया कि वे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु एकजुट होकर कार्य करेंगे।
इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ में डीएवी शिक्षा संस्थानों की दिशा और दृष्टि को एक नई ऊर्जा प्रदान की।