पेट्रोल-डीजल 10-15 रुपये सस्ता करने की मांग तेज, CTI ने केंद्र और राज्यों से मांगी राहत

देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों के बीच चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने बड़ी राहत की मांग उठाई है। CTI ने केंद्र और राज्य सरकारों से पेट्रोल-डीजल पर VAT घटाकर आम जनता को 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक राहत देने की अपील की है। वहीं, लगातार चौथी बार दाम बढ़ने पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा है।

May 25, 2026 - 17:01
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पेट्रोल-डीजल 10-15 रुपये सस्ता करने की मांग तेज, CTI ने केंद्र और राज्यों से मांगी राहत

UNITED NEWS OF ASIA. देशभर में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 10 दिनों में चार बार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के बाद अब चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने पेट्रोल-डीजल को 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता करने की मांग उठाई है। CTI का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर टैक्स में अस्थायी राहत दें तो आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिल सकती है।

इस मुद्दे को लेकर CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की इमरजेंसी बैठक बुलाने की अपील की है। साथ ही सुझाव दिया गया है कि अगले तीन महीनों तक पूरे देश में पेट्रोल और डीजल पर फ्लैट 5 प्रतिशत VAT लगाया जाए। CTI का दावा है कि ऐसा करने से पेट्रोल-डीजल के दामों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आ सकती है।

गोयल ने अपने पत्र में कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार के अधीन आती है, जबकि VAT राज्य सरकारों का विषय है। ऐसे में महंगाई के इस दौर में सिर्फ केंद्र ही नहीं बल्कि राज्यों को भी राहत देने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के 21 राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकारें हैं, इसलिए पेट्रोलियम मंत्री राज्यों के साथ समन्वय कर राहत का रास्ता निकाल सकते हैं।

CTI ने अलग-अलग राज्यों में लागू VAT दरों का भी उदाहरण दिया है। संगठन के अनुसार तेलंगाना में पेट्रोल पर 35.20 प्रतिशत VAT लगाया जा रहा है, जबकि आंध्र प्रदेश में 31 प्रतिशत VAT के साथ अतिरिक्त टैक्स भी वसूला जाता है। वहीं दिल्ली में पेट्रोल पर 19.40 प्रतिशत VAT है। इसके विपरीत अंडमान-निकोबार में सिर्फ 1 प्रतिशत VAT होने के कारण वहां पेट्रोल और डीजल काफी सस्ते हैं।

इधर तेल कंपनियों ने 25 मई से पेट्रोल और डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। यह पिछले 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है। लगातार बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर करीब 8 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।

बताया जा रहा है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है। तेल कंपनियों ने इसी वजह से कीमतों में वृद्धि का हवाला दिया है। 15 मई को पहली बार 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई, 23 मई और अब 25 मई को फिर कीमतें बढ़ाई गईं।

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार धीरे-धीरे दाम बढ़ाकर जनता की जेब पर बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो गई है।

लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर अब आम जनता, व्यापारी संगठन और विपक्ष सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकारें इस पर क्या फैसला लेती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।