सीआरपीएफ 212वीं बटालियन मुख्यालय एटापक्का में वीरता दिवस धूमधाम से मनाया गया

सीआरपीएफ 212वीं बटालियन मुख्यालय एटापक्का में 9 अप्रैल 2026 को वीरता दिवस पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई तथा वीरता पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया।

Apr 12, 2026 - 11:25
 0  15
सीआरपीएफ 212वीं बटालियन मुख्यालय एटापक्का में वीरता दिवस धूमधाम से मनाया गया

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। एटापक्का स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 212वीं बटालियन मुख्यालय में 9 अप्रैल 2026 को वीरता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर बटालियन के अधिकारियों एवं जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस को याद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की गई। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और जवानों ने मौन रखकर वीर सपूतों के बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में 212वीं बटालियन के द्वितीय कमांडिंग अधिकारी सह कमांडेंट दिनेश कुमार ने वीरता दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 9 अप्रैल 1965 को सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन की चार कंपनियों ने पाकिस्तान सेना की एक पूरी इन्फैंट्री ब्रिगेड के हमले का बहादुरी से मुकाबला किया था।

उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक युद्ध भारत-पाक सीमा पर स्थित ‘सरदार’ और ‘टक’ बॉर्डर आउट पोस्ट्स पर लड़ा गया था, जिसमें सीआरपीएफ के जवानों ने अद्वितीय साहस और धैर्य का परिचय देते हुए दुश्मन के हमले को विफल कर दिया। इस मुठभेड़ में पाकिस्तान के 34 सैनिक मारे गए और 4 को जिंदा पकड़ लिया गया। हालांकि इस संघर्ष में सीआरपीएफ के 8 जवान शहीद हो गए और 19 जवानों को दुश्मन द्वारा बंदी बना लिया गया।

दिनेश कुमार ने कहा कि सीआरपीएफ के जवानों ने करीब 12 घंटे तक दुश्मन की पूरी ब्रिगेड को आगे बढ़ने से रोके रखा, जो सैन्य इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह घटना आज भी सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और वीरता दिवस के रूप में हर वर्ष इसे गर्व के साथ मनाया जाता है।

इस अवसर पर पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री (PMG) से सम्मानित दो वीर जवानों—हेड कांस्टेबल/रेडियो ऑपरेटर मलिक शाहिद (Force No. 041575346) और कांस्टेबल/जनरल ड्यूटी पी. मारी राजू (Force No. 135278006)—को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके साहसिक कार्यों का उल्लेख करते हुए उनकी वीरता की कहानियां उपस्थित जवानों के साथ साझा की गईं, जिससे सभी में देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना और प्रबल हुई।

कार्यक्रम में डॉ. सुमित सहगल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) एवं कमांडेंट मेडिकल, अजय प्रताप सिंह, डिप्टी कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी एवं जवान भी उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

शाम के समय एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने देशभक्ति गीतों और प्रस्तुतियों के माध्यम से माहौल को देशप्रेम से सराबोर कर दिया। इसके पश्चात सभी के लिए भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें आपसी भाईचारे और एकता की झलक देखने को मिली।

इस प्रकार वीरता दिवस का यह आयोजन न केवल शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर बना, बल्कि जवानों के मनोबल को भी नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करने वाला साबित हुआ।