बालोद के मेड़की में सामूहिक आदर्श विवाह, सरपंच ने निभाया वादा, कन्यादान में दिए 3100 रुपये
बालोद जिले के ग्राम मेड़की में आयोजित सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम में सामाजिक एकता और परंपरा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। सरपंच मंजूलता साहू ने अपनी घोषणा के अनुसार 3100 रुपये का कन्यादान देकर वादा निभाया।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। बालोद जिले के ग्राम मेड़की में आयोजित कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम में सामाजिक एकता, परंपरा और सहयोग की मिसाल देखने को मिली। इस आयोजन ने न केवल ग्रामीण संस्कृति को जीवंत किया, बल्कि सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक पहल के महत्व को भी उजागर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
इस विशेष अवसर पर ग्राम ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू ने अपनी चुनावी घोषणा को पूरा करते हुए एक सराहनीय कदम उठाया। उन्होंने गांव की बेटी रूपा यादव को 3100 रुपये की कन्यादान राशि भेंट कर न केवल अपना वादा निभाया, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी दिया। सरपंच के इस पहल की ग्रामीणों ने खुले दिल से प्रशंसा की और इसे जनप्रतिनिधियों के लिए एक आदर्श उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष तोमन साहू, जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू तथा पंच संतोष साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक इस आयोजन के साक्षी बने। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।
सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करना है। इस प्रकार के आयोजन से विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्चों को कम करने में मदद मिलती है और समाज में समानता एवं भाईचारे की भावना को भी बल मिलता है। मेड़की गांव में आयोजित इस कार्यक्रम ने इन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें स्थानीय कलाकारों और ग्रामीण युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कर्मा नृत्य और लोकगीतों ने पूरे माहौल को उल्लास और उत्साह से भर दिया। इस दौरान सामाजिक समरसता, परंपरा और एकता का संदेश भी दिया गया, जिससे उपस्थित लोगों में जागरूकता और प्रेरणा का संचार हुआ।
ग्रामीणों ने इस आयोजन को सराहते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित होते हैं, क्योंकि इससे आर्थिक बोझ कम होता है और समाज में समान अवसर मिलते हैं।
इस आयोजन ने यह भी साबित किया कि जब जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए वादों को निभाते हैं, तो समाज में विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होती है। सरपंच मंजूलता साहू का यह कदम न केवल एक वादे को पूरा करने का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कितनी मजबूत है।
कुल मिलाकर, मेड़की गांव में आयोजित यह सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता, सहयोग और परंपरा का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने सभी के दिलों में एक सकारात्मक छाप छोड़ी।