साजा विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी में अनियमितता का आरोप, कांग्रेस ने जांच की मांग उठाई

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने साजा विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

Jul 30, 2026 - 12:57
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साजा विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी में अनियमितता का आरोप, कांग्रेस ने जांच की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l साजा विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि विधायक निधि से खरीदे गए कंप्यूटरों की खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रेस विज्ञप्ति में धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि साजा विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से 120 कंप्यूटर खरीदे गए, जिनकी कीमत बाजार मूल्य की तुलना में कई गुना अधिक बताई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस खरीद में लगभग 70 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता हुई है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिन विद्यालयों में कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए, वहां से इनकी मांग नहीं की गई थी। पार्टी का दावा है कि कुछ विद्यालयों में कंप्यूटर पहुंचाकर संबंधित अधिकारियों से प्राप्ति रसीद ली गई, जबकि आपूर्ति करने वाली फर्म की जानकारी स्पष्ट नहीं है। साथ ही, कंप्यूटरों के रखरखाव और तकनीकी सहायता को लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं बताई गई।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ विद्यालयों में कंप्यूटर स्थापित करने के बाद उन्हें वापस ले जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। कांग्रेस ने इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि इनमें तथ्य पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विधायक निधि का उद्देश्य क्षेत्र के विकास और जनहित के कार्यों पर खर्च करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि खरीद प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला है और इसकी पारदर्शी जांच आवश्यक है।

कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर खरीद प्रक्रिया, आपूर्ति करने वाली एजेंसी, भुगतान और उपकरणों के वास्तविक उपयोग की समीक्षा की जाए। पार्टी का कहना है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।