बच्ची से दुराचार मामले में बाल आयोग अलर्ट, 22 जनवरी को आयोग में पेश होगी जांच रिपोर्ट

9 वर्षीय बच्ची से दुराचार के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की है। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने पीड़िता से मुलाकात कर इलाज, परामर्श और सहायता के निर्देश दिए हैं। 22 जनवरी को आयोग में रिपोर्ट प्रस्तुत होगी।

Jan 19, 2026 - 17:40
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बच्ची से दुराचार मामले में बाल आयोग अलर्ट, 22 जनवरी को आयोग में पेश होगी जांच रिपोर्ट

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ में 9 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुराचार की गंभीर और निंदनीय घटना को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। घटना की सूचना मिलते ही बाल आयोग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए दिनांक 14 जनवरी को प्रकरण दर्ज कर चार बिंदुओं पर जांच के आदेश जारी किए थे। इन बिंदुओं में पीड़िता के स्वास्थ्य, मानसिक परामर्श, आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश शामिल थे।

प्रकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने के लिए दिनांक 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा आईसीपीएस टीम, बाल कल्याण समिति (CWC) एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ पीड़िता के निवास पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने बच्ची और उसके परिजनों से अत्यंत संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ बातचीत की तथा हर संभव सहयोग और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

मुलाकात के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने पाया कि बाल कल्याण समिति द्वारा अब तक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। जानकारी मिली कि संबंधित प्रकरण अब तक थाना स्तर से CWC को औपचारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर आयोग अध्यक्षा ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

बच्ची की मानसिक स्थिति को देखते हुए मौके पर ही साथ आई बाल मनोवैज्ञानिक टीम द्वारा पीड़िता को काउंसलिंग उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं संबंधित थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को निर्देश दिए गए हैं कि बच्ची का इलाज स्त्री रोग विशेषज्ञ की निगरानी में किया जाए तथा आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता निरंतर दी जाए। वर्तमान में पीड़िता अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति पर आयोग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  लाल उम्मेद सिंह से विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है। इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट बाल कल्याण समिति द्वारा दिनांक 22 जनवरी को बाल आयोग कार्यालय में प्रस्तुत की जाएगी।

बाल आयोग अध्यक्षा ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस गंभीर और संवेदनशील मामले में आयोग बच्ची के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर कार्रवाई करेगा। साथ ही उन्होंने मीडिया, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता की पहचान किसी भी स्थिति में उजागर न की जाए, अन्यथा गोपनीयता भंग होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।