छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग तेज, राज्यसभा में उठा मुद्दा

राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग उठाई। उन्होंने नई रेल लाइन, ट्रेनों के विस्तार और कोरबा से नई ट्रेन शुरू करने की आवश्यकता बताई।

Apr 2, 2026 - 14:52
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छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग तेज, राज्यसभा में उठा मुद्दा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर।  छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में शून्यकाल के दौरान इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए राज्य और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने खासतौर पर आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए कई अहम प्रस्ताव रखे।

फूलोदेवी नेताम ने कहा कि पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला-घंसौर-लखनादौन-गोटेगांव (श्रीधाम) नई रेल लाइन परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह रेल मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ेगा, बल्कि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अमरकंटक और नर्मदा क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। इसके माध्यम से इटारसी जंक्शन से जुड़कर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों तक सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा।

उन्होंने यह भी मांग की कि बिलासपुर को CTCE Plan-2030 में शामिल किया जाए, जिससे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को गति मिल सके। इसके साथ ही रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस (12771/72) और नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस (12290) का विस्तार बिलासपुर तक करने की मांग भी लंबे समय से लंबित है, जिसे अब जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

कोरबा क्षेत्र को लेकर भी सांसद नेताम ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि कोरबा स्टेशन पर तैयार पिट लाइन को तत्काल शुरू किया जाना चाहिए, ताकि ट्रेनों के रखरखाव और संचालन में सुविधा हो सके। इसके अलावा कोरबा-बीकानेर एक्सप्रेस का संचालन शीघ्र शुरू करने और कोरबा से नई दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन चलाने की भी आवश्यकता है।

फूलोदेवी नेताम ने कहा कि इन सभी लंबित रेल परियोजनाओं को पूरा करने से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। खासकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से बेहतर परिवहन सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि रेलवे सुविधाओं के विस्तार से राज्य के विकास को गति मिलेगी और लोगों को बेहतर परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार की यह मांग न केवल क्षेत्रीय विकास बल्कि सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इन मांगों पर कितना ध्यान देती है और इन्हें पूरा करने के लिए क्या कदम उठाती है।