कॉरपोरेट-सरकार गठजोड़ पर आप का हमला, उत्तम जायसवाल ने उठाए गंभीर सवाल
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने कॉरपोरेट और प्रशासनिक गठजोड़ को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने पूर्व वन अधिकारी की कॉरपोरेट नियुक्ति को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में कॉरपोरेट और प्रशासनिक गठजोड़ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने राज्य सरकार और कॉरपोरेट घरानों के बीच कथित सांठगांठ को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
यह विवाद उस समय सामने आया जब जिंदल समूह द्वारा पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी एस.एस. बाजाज को छत्तीसगढ़ में कॉरपोरेट लाइजनिंग प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाते हुए इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय एक गंभीर और चिंताजनक संकेत बताया है।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि यह केवल एक नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह राज्य में कॉरपोरेट प्रभाव और प्रशासनिक पहुंच के बीच खतरनाक गठजोड़ को दर्शाता है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे अधिकारी, जो पहले शासन और पर्यावरणीय नियमों से जुड़े संवेदनशील पदों पर रहे हैं, वे अब अपनी जानकारी और संपर्कों का उपयोग कॉरपोरेट हितों के लिए कर सकते हैं।
उन्होंने इसे “हितों का टकराव” बताते हुए कहा कि यह स्थिति जनहित और पारदर्शिता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। उनके अनुसार, यह मामला राज्य में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर कॉरपोरेट दबाव बढ़ने की ओर संकेत करता है।
उत्तम जायसवाल ने विशेष रूप से रायगढ़ और तमनार क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इन इलाकों में पहले से ही पर्यावरण, प्रदूषण, विस्थापन और जल संकट जैसी समस्याएं मौजूद हैं। ऐसे में यदि कॉरपोरेट कंपनियां पूर्व अधिकारियों को लाइजनिंग के लिए नियुक्त करती हैं, तो इससे स्थानीय जनता की आवाज दबने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह कॉरपोरेट घरानों को बढ़ावा दे रही है और जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ किसी भी कॉरपोरेट कंपनी की जागीर नहीं है, बल्कि यह राज्य यहां के नागरिकों—विशेषकर आदिवासियों, किसानों और श्रमिकों—का है।
आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि पूर्व अधिकारियों के कॉरपोरेट क्षेत्र में शामिल होने के लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि किसी प्रकार के हितों के टकराव को रोका जा सके।
इसके अलावा, पार्टी ने रायगढ़-तमनार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चल रही कॉरपोरेट गतिविधियों की पारदर्शी समीक्षा की भी मांग की है।
उत्तम जायसवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेती है, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह मामला राज्य में प्रशासन, राजनीति और कॉरपोरेट के संबंधों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे रहा है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकती है।