45 वर्षों से सक्रिय माओवादी नेता बंदी प्रकाश ने किया आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ में था 25 लाख का इनामी

तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के सामने छत्तीसगढ़ के कुख्यात माओवादी नेता बंदी प्रकाश उर्फ प्रभात ने आत्मसमर्पण किया। प्रकाश 45 वर्षों से नक्सली संगठन में सक्रिय था और उस पर छत्तीसगढ़ में 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह माओवादी पार्टी की तेलंगाना स्टेट कमेटी और स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था।

Oct 28, 2025 - 13:26
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45 वर्षों से सक्रिय माओवादी नेता बंदी प्रकाश ने किया आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ में था 25 लाख का इनामी

UNITED NEWS OF ASIA. पी. सतीश कुमार, बीजापुर/हैदराबाद। छत्तीसगढ़ के नक्सली आंदोलन से जुड़ा एक बड़ा नाम अब हथियार छोड़ चुका है। तेलंगाना पुलिस के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष माओवादी संगठन के वरिष्ठ नेता बंदी प्रकाश ने आत्मसमर्पण कर दिया। बंदी प्रकाश उर्फ प्रभात, अशोक, क्रांति, बीते 45 वर्षों से नक्सली संगठन में सक्रिय था और छत्तीसगढ़ सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बंदी प्रकाश नक्सलियों की तेलंगाना स्टेट कमेटी और स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था। उसका नाम माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल रहा है और वह लंबे समय से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा सीमा क्षेत्रों में नक्सली रणनीति तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाता रहा।

बंदी प्रकाश का संबंध मंचेरियल जिले के मंदामरी क्षेत्र से है। उसके पिता सिंगरेनी कोल वर्कर्स यूनियन में कार्यरत थे। प्रकाश ने 1982-84 के दौरान "गांव चलो" आंदोलन में भाग लिया और रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन (RSU) के माध्यम से सक्रिय राजनीति और आंदोलन में प्रवेश किया। बाद में वह सिंगरेनी वर्त यूनियन का अध्यक्ष बना, जिसने माओवादी विचारधारा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके बाद उसने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में तेजी से प्रगति की और राज्य समिति के सदस्य के रूप में माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा। वर्षों तक उसने दक्षिण बस्तर, बीजापुर, सुकमा और गढ़चिरौली जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में कई हिंसक गतिविधियों की योजना बनाने में भूमिका निभाई।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बंदी प्रकाश का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका है। वह लंबे समय से संगठन के वैचारिक प्रचार और भर्ती अभियानों का प्रमुख संचालक रहा है।

तेलंगाना डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि प्रकाश का आत्मसमर्पण एक सकारात्मक संकेत है और यह दर्शाता है कि अब नक्सली विचारधारा से जुड़े लोग मुख्यधारा में लौटने का मन बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास और पुनर्स्थापन की पूरी सुविधा प्रदान कर रही है।

छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस ने संयुक्त रूप से इस आत्मसमर्पण को नक्सल उन्मूलन अभियान में ऐतिहासिक सफलता बताया है।