इस पहल के साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से शुरू हो गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा मरीजों तक पहुंचे।
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस की शुरुआत की गई है। ये एम्बुलेंस नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ के रूप में कार्य करेंगी। इनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 प्रकार की आवश्यक दवाओं सहित अत्याधुनिक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार से अब लोगों को छोटे उपचार के लिए दूर शहरों में नहीं जाना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है।
नई एम्बुलेंस सेवाओं में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर और अन्य उन्नत उपकरण भी शामिल किए गए हैं।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि एम्बुलेंस सेवा में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही न हो, इसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। इससे सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर लगातार नजर रखी जाएगी।
इस अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक रणबीर शर्मा और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश अग्रवाल सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, 370 नई एम्बुलेंस की यह पहल छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने और आम नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।