चमोली हादसा: सुरंग में दो लोको ट्रेनों की टक्कर, 60 मजदूर घायल, CM धामी ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश
चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में दो लोको ट्रेनों की टक्कर से 60 मजदूर घायल हो गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी घायलों के बेहतर इलाज और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. चमोली, उत्तराखंड – चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ। शिफ्ट चेंज के समय सुरंग में मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में लगभग 60 मजदूर घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार घटना स्थल पर पहुंचे और घायलों का हालचाल जानने के साथ चिकित्सकों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगभग 100 लोगों में से 60 लोग घायल हुए। जिनमें 42 मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में तथा 17 मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल, पीपलकोटी में किया जा रहा है। अन्य घायल मजदूरों की स्थिति स्थिर बताई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर ट्वीट कर कहा कि वह जिलाधिकारी चमोली के संपर्क में हैं और सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ईश्वर से सभी घायल मजदूरों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
टीएचडीसी परियोजना की सुरंग में हुई इस टक्कर ने मजदूर सुरक्षा और निर्माण स्थल पर निगरानी की अहमियत को फिर से उजागर किया है। हादसे के कारणों की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि घायल मजदूरों का तत्काल इलाज किया जा रहा है और उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए सभी संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं। साथ ही, सुरंग में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय लागू किए गए हैं।
चमोली में इस प्रकार की दुर्घटना निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन प्रतिक्रिया की आवश्यकता को रेखांकित करती है। राज्य सरकार और परियोजना प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि सभी घायल मजदूरों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।