बजट आया, भरोसा नहीं — युवा, मजदूर और किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं : अमन वर्मा
एनएसयूआई जिला महासचिव अमन वर्मा ने केंद्रीय बजट को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बजट युवाओं, मजदूरों और किसानों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी और किसान संकट जैसे मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर जिले में युवाओं, मजदूरों और किसानों के बीच गहरी निराशा देखने को मिल रही है। एनएसयूआई जिला महासचिव श्री अमन वर्मा ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम जनता को राहत देने वाला नहीं, बल्कि केवल आंकड़ों और घोषणाओं का दस्तावेज बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि बजट आने के बाद जनता में भरोसा पैदा होने के बजाय असंतोष और निराशा बढ़ी है।
अमन वर्मा ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं, लेकिन बजट में महंगाई पर नियंत्रण को लेकर कोई ठोस नीति नजर नहीं आती। युवाओं के सामने रोजगार सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, परंतु बजट में न तो बड़े पैमाने पर नई भर्तियों की घोषणा की गई और न ही स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने की कोई स्पष्ट योजना दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी यह बजट निराशाजनक है। छात्रों को बेहतर शिक्षा, छात्रवृत्ति और तकनीकी प्रशिक्षण की उम्मीद थी, लेकिन इस दिशा में कोई प्रभावी और ठोस कदम सामने नहीं आया। आज का युवा भविष्य को लेकर असमंजस में है और सरकार केवल लंबे-चौड़े वादों के सहारे बात कर रही है।
मजदूर वर्ग की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अमन वर्मा ने कहा कि न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार की गारंटी जैसे मुद्दों पर बजट पूरी तरह मौन नजर आता है। मजदूरों को उम्मीद थी कि सरकार उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस घोषणा करेगी, लेकिन उन्हें इस बार भी निराशा ही हाथ लगी है।
किसानों को लेकर उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। खाद, बीज, डीजल और बिजली के दाम किसानों की कमर तोड़ रहे हैं, लेकिन बजट में उनकी आय बढ़ाने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया। किसान आज भी कर्ज, लागत और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं।
अमन वर्मा ने आरोप लगाया कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपतियों और कॉरपोरेट वर्ग को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आम नागरिक पर टैक्स और महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है, जबकि राहत की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई युवाओं, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से लड़ेगी और आम जनता की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा।