भण्डारपुरी धाम में गुरु पूर्णिमा और गुरु अमरदास बाबा जयंती श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न
भण्डारपुरी धाम में गुरु बालदास साहेब के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महापर्व और गुरु अमरदास बाबा जयंती श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई गई। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने गुरुगद्दी की पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
UNITED NEWS OF ASIA. भण्डारपुरीधाम l परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा की कर्मभूमि भण्डारपुरी धाम स्थित गुरुद्वारा में गुरु पूर्णिमा महापर्व, गुरु अमरदास बाबा जयंती एवं चौका मंगल भजन का आयोजन श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महंत और समाजजन शामिल हुए। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और गुरु परंपरा के प्रति गहरी आस्था देखने को मिली।
कार्यक्रम गुरु बालदास साहेब के सानिध्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर गुरु खुशवंत साहेब ने गुरु घासीदास बाबा और गुरु अमरदास बाबा का स्मरण करते हुए गुरुगद्दी की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा समाज की सुख, शांति, समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच खीर प्रसादी का वितरण किया गया। गुरु परिवार और समाजजनों ने पंथी कर बाबा जी को नमन करते हुए गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
अपने आशीर्वचन में गुरु बालदास साहेब ने कहा कि गुरु घासीदास बाबा का "मनखे-मनखे एक समान" का संदेश आज भी समाज को समानता, सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता की राह दिखाता है। उन्होंने समाज के लोगों से गुरु परंपरा के आदर्शों को जीवन में अपनाने और प्रेम, भाईचारे तथा सेवा भाव के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भण्डारपुरी धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी महत्वपूर्ण स्थान है। गुरु पूर्णिमा का पर्व सभी को गुरुजनों के बताए सत्य, सेवा, समरसता और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा के मूल्यों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में गुरु माता प्रवीण माता, गुरु सोमेश बाबा, गुरु सौरभ साहेब, गुरु परिवार के सदस्य, दिवान परिवार, राजमहंत, जिलामहंत, सेक्टरमहंत, भंडारी, छड़ीदार, अखिल भारतीय सतनाम सेना के पदाधिकारी, सतनाम आध्यात्मिक शक्ति परिवार, संत समाज तथा प्रदेशभर से आए श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
गुरु वंदना, मंगल भजन और प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा समानता की भावना को मजबूत करने का संकल्प भी लिया।