बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को मिली नई गति, करोकन्या धार्मिक स्थल से लिया गया संकल्प
बेमेतरा जिले में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सशक्त रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। करोकन्या धार्मिक स्थल से बाल विवाह रोकने का संकल्प लेते हुए धार्मिक पदाधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों को कानून, आयु सत्यापन एवं हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा। जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की पहल की गई है। इसी क्रम में बेरला विकासखंड अंतर्गत स्थित करोकन्या धार्मिक स्थल से बाल विवाह उन्मूलन का संकल्प लिया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सी.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव एवं परियोजना समन्वयक (चाइल्ड हेल्पलाइन) राजेंद्र चंद्रवंशी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने धार्मिक स्थल के ट्रस्टी, प्रबंधक, अध्यक्ष एवं पुजारियों से विस्तृत चर्चा की।
इस दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया गया कि विवाह के समय बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं बालक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने बताया कि आयु सत्यापन हेतु आधार कार्ड मान्य नहीं होगा, बल्कि केवल जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षणिक अंकसूची के आधार पर ही आयु की पुष्टि कर विवाह संपन्न कराया जाना चाहिए। धार्मिक पदाधिकारियों से अपील की गई कि वे इस सामाजिक कर्तव्य का पालन करते हुए बाल विवाह रोकने में प्रशासन का सहयोग करें।
अभियान के अंतर्गत 1 जनवरी से 31 जनवरी तक जिले के सभी धार्मिक स्थल—मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, ट्रस्ट—साथ ही विवाह से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने वाले धर्मगुरु, टेंट संचालक, डीजे, रसोईया एवं अन्य सेवा प्रदाताओं के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में हायर सेकेंडरी स्कूल पतोरा में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणाम, उसकी कानूनी रोकथाम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, सखी वन स्टॉप सेंटर 181, पुलिस सहायता 112, नशा मुक्त भारत अभियान एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य किशोर एवं युवा वर्ग को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग बनाना है।