बदलते बस्तर का संदेश लेकर दिल्ली रवाना हुआ जनजातीय प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रपति से करेगा मुलाकात

बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और बदलते सामाजिक परिवेश का संदेश लेकर 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात कर बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, विकास और नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलताओं से अवगत कराएगा।

Jul 29, 2026 - 12:01
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बदलते बस्तर का संदेश लेकर दिल्ली रवाना हुआ जनजातीय प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रपति से करेगा मुलाकात

UNITED NEWS OF ASIA. बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर का 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल में परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 के जनजातीय युवा कलाकार, समाज प्रतिनिधि तथा बस्तर के पद्मश्री सम्मान प्राप्त व्यक्तित्व शामिल हैं। यह दल राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात कर बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराएगा।

प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश भी रखेगा कि आज का बस्तर हिंसा और भय की पुरानी पहचान से आगे बढ़कर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। बस्तर के युवा अपनी प्रतिभा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से देशभर में नई पहचान बना रहे हैं तथा समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

दल राष्ट्रपति को यह भी अवगत कराएगा कि शासन की विकासोन्मुखी योजनाओं और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। इसके परिणामस्वरूप बस्तर में शिक्षा, पर्यटन, रोजगार, सड़क, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे आम लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

प्रतिनिधिमंडल बस्तरवासियों की ओर से राष्ट्रपति के प्रति आभार भी व्यक्त करेगा। साथ ही यह संदेश देगा कि अब बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि शांति, लोकतांत्रिक भागीदारी, विकास और नई संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में भी स्थापित हो रही है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य देश के समक्ष यह भी प्रस्तुत करेंगे कि नया बस्तर आत्मविश्वास, अवसर और प्रगति का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

दिल्ली रवाना होने से पहले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दल केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति और सामाजिक मूल्यों की गूंज पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

विजय शर्मा ने कहा कि कभी नक्सलवाद की चुनौती के कारण चर्चा में रहने वाला बस्तर आज विकास, शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रतिनिधिमंडल देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था के समक्ष इस सकारात्मक परिवर्तन को प्रस्तुत करेगा और यह संदेश देगा कि बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, संस्कृति और नई उम्मीदों का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा बस्तर की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगी तथा प्रदेश की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।