धान खरीदी केंद्र चान्दों में अवैध धान खपाने की कोशिश नाकाम, 65 बोरी धान और पिकअप वाहन जब्त
बलरामपुर जिले के चान्दों धान खरीदी केंद्र में बिचौलियों द्वारा अवैध धान खपाने के प्रयास का खुलासा हुआ है। गोपनीय सूचना पर तहसीलदार की कार्रवाई में 65 बोरी अवैध धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर | छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के चान्दों थाना क्षेत्र अंतर्गत धान खरीदी केंद्र चान्दों में अवैध धान खपाने के एक प्रयास को प्रशासन ने समय रहते विफल कर दिया। बिचौलियों द्वारा अवैध तरीके से धान को खरीदी केंद्र में बेचने की कोशिश की जा रही थी, जिसकी गोपनीय सूचना मिलने पर तहसीलदार ने त्वरित कार्रवाई की।
प्रशासन को सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ लोग अवैध रूप से संग्रहित धान को सरकारी धान खरीदी केंद्र चान्दों में खपाने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के आधार पर तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एक पिकअप वाहन को रोका गया, जिसमें 65 बोरी अवैध धान लोड पाया गया।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उक्त धान को बिना वैध दस्तावेजों के सरकारी खरीदी केंद्र में बिक्री के लिए लाया गया था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही पिकअप वाहन को जब्त कर लिया और धान को अपने कब्जे में लिया।
इस मामले में आरोपी की पहचान रामकृष्ण यादव पिता उत्तम यादव, निवासी तहसील चान्दों के रूप में की गई है। आरोपी से पूछताछ में धान के संबंध में कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि धान अवैध तरीके से खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
प्रशासन ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस प्रकार की कार्रवाई लगातार की जा रही है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता, बिचौलियों की भूमिका या अवैध लेन-देन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति या समूह अवैध तरीके से धान खपाने या शासन की व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और बिचौलियों में प्रशासन का भय स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।