UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ‘गौ माता राष्ट्र माता’ अभियान के समर्थन में सोमवार को एक विशाल जन-आंदोलन और नगर कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन देशभर में संत समाज द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गौ संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता दिलाना है।
आयोजन समिति के अनुसार, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, आचार्य, गौ भक्त और गौ पालक शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे अटल परिसर, जय स्तंभ चौक से होगी, जहां जिलेभर से हजारों लोग एकत्र होंगे। इसके बाद संतों के सान्निध्य में ‘गौ कीर्तन’ की शुरुआत होगी।
नगर कीर्तन जय स्तंभ चौक से प्रारंभ होकर घड़ी चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पूरे नगर का भ्रमण करेगा। यह यात्रा अंत में तहसील कार्यालय पहुंचेगी, जहां शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। आयोजन का उद्देश्य जनसमर्थन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगों को मजबूती से पहुंचाना है।
इस अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी जाएंगी। पहली मांग है कि गौ माता को ‘राष्ट्र माता’, ‘राष्ट्र धरोहर’ और ‘राष्ट्र आराध्या’ का दर्जा दिया जाए। दूसरी मांग देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की है। वहीं तीसरी मांग गौ संरक्षण के लिए अनुसंधान और अनुदान की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने से संबंधित है।
इसके अलावा, प्रार्थना पत्र में कई नीतिगत सुझाव भी शामिल किए गए हैं। इनमें गोबर और गौमूत्र पर रिसर्च सेंटर स्थापित करना, सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गोनाइल के उपयोग को बढ़ावा देना, शॉपिंग मॉल्स में गौ उत्पादों के लिए काउंटर अनिवार्य करना और गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर ‘गोचर विकास बोर्ड’ का गठन करना प्रमुख हैं।
आयोजन समिति ने बताया कि 27 अप्रैल को देशभर की लगभग 5000 तहसीलों में एक साथ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। बालोद में आयोजित यह कार्यक्रम भी उसी राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है, जो व्यापक स्तर पर जनजागरण का प्रयास कर रहा है।
इस आयोजन को लेकर जिले में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों और गौ भक्तों में इसे लेकर विशेष उत्सुकता देखी जा रही है। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों, गौ पालकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस अभियान को सफल बनाएं।
इस प्रकार का जन-आंदोलन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को अभिव्यक्त करता है, बल्कि समाज में जागरूकता लाने का भी एक माध्यम बनता है। बालोद में होने वाला यह कार्यक्रम गौ संरक्षण के प्रति जनसमर्थन को प्रदर्शित करने के साथ ही सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।