बालको ने ऐश डाइक-2 में आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित की, आपदा प्रबंधन तैयारियों का किया परीक्षण

बालकोनगर स्थित ऐश डाइक-2 में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित कर डाइक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन तैयारियों का परीक्षण किया। अभ्यास में प्रशासन, पुलिस, पर्यावरण विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की भी भागीदारी रही।

Jul 9, 2026 - 11:08
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बालको ने ऐश डाइक-2 में आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित की, आपदा प्रबंधन तैयारियों का किया परीक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऐश डाइक-2 (जामबहार गांव, एचटी टॉवर क्षेत्र) में आपातकालीन मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण करना, डाइक सुरक्षा का आकलन करना तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों की आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखना था।

मॉक ड्रिल के दौरान भारी बारिश और बादल फटने जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस परिदृश्य में यह दर्शाया गया कि अत्यधिक वर्षा के कारण ऐश डाइक के ऊपर से पानी बहने लगा है और उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका उत्पन्न हो गई है। सूचना मिलते ही आपातकालीन सायरन बजाया गया और साइट इमरजेंसी प्लान के अनुसार सभी निर्धारित प्रक्रियाओं को तत्काल लागू किया गया।

अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया। काल्पनिक रूप से घायल व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। साथ ही संयंत्र में संचालित उपकरणों को सुरक्षित रूप से बंद किया गया, पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई तथा कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित किया गया।

मॉक ड्रिल का अवलोकन विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने किया। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार दीपक पटेल, पुलिस विभाग से अजय सिंह एवं उनकी टीम तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय से रोहित कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा जामबहार, परसाभाठा और रोगबहारी गांवों के समुदाय प्रतिनिधियों ने भी अभ्यास में भाग लेकर आपदा प्रबंधन की प्रक्रियाओं को करीब से देखा।

बालको की आपातकालीन नेतृत्व टीम ने भी पूरे अभ्यास में सक्रिय भूमिका निभाई। डिप्टी सीईओ (पावर) मंतोष कुमार सिंहा के नेतृत्व में संयंत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस दौरान मुख्य ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस प्रमुख मंयक श्रीवास्तव, चीफ इंसीडेंट कंट्रोलर अनिल कुमार मिश्रा, इंसीडेंट कंट्रोलर मुकुंद एडगांवकर, चीफ एचएसई एंड एस ऑफिसर बी. शिवाकुमार, सामुदायिक विकास अधिकारी प्रिंसी जॉन तथा चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर भारतेंदु कमल पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

अभ्यास में सुरक्षा, पर्यावरण, चिकित्सा और सिक्योरिटी विभागों की टीमों ने समन्वित रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। इस दौरान विभिन्न टीमों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था, संसाधनों के उपयोग और त्वरित निर्णय क्षमता का भी परीक्षण किया गया, ताकि किसी वास्तविक आपात स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

बालको ने बताया कि कंपनी समय-समय पर इस प्रकार के मॉक ड्रिल आयोजित करती है, जिससे कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों, स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत बनाया जा सके। ऐसे अभ्यासों का उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति में जोखिम को कम करना और राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।

कंपनी का कहना है कि औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। नियमित मॉक ड्रिल, सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बालको अपने कर्मचारियों और आसपास के समुदाय को संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए लगातार तैयार करता है। इससे उद्योग, प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होता है और आपदा प्रबंधन प्रणाली अधिक प्रभावी बनती है।