भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, आदिवासी समाज में आक्रोश, गिरफ्तारी तक धरने पर बैठे ग्रामीण

बालाघाट जिले के ग्राम झागुल में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना से आक्रोशित आदिवासी समाज ने जनपद पंचायत अध्यक्ष समल सिंह धुर्वे के नेतृत्व में बिरसा मुंडा चौक पर धरना शुरू कर दिया है और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

Dec 7, 2025 - 15:53
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भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, आदिवासी समाज में आक्रोश, गिरफ्तारी तक धरने पर बैठे ग्रामीण

 UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज , बालाघाट | जिले के ग्राम झागुल में असामाजिक तत्वों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है। भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के लिए सिर्फ एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं बल्कि आस्था, स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक हैं, ऐसे में उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य माना जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए और जनपद पंचायत अध्यक्ष समल सिंह धुर्वे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समाजजन बिरसा मुंडा चौक पर धरने पर बैठ गए हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि दोषियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

 प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना नहीं है, बल्कि यह पूरे आदिवासी समाज के सम्मान और अस्मिता पर प्रहार है। धरने में शामिल लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक इस घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वे बिरसा मुंडा चौक से नहीं हटेंगे।

 जनपद पंचायत अध्यक्ष समल सिंह धुर्वे ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में तनाव और असंतोष को जन्म देती हैं, इसलिए प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके। धरना स्थल पर नारेबाजी करते हुए समाजजन न्याय की मांग कर रहे हैं और घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का आक्रोश लगातार बना हुआ है। पूरे मामले ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की चुनौती भी खड़ी कर दी है और अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है। बालाघाट से सायमा नाज़ की रिपोर्ट।