आर्यन वर्ल्ड स्कूल खैरपुर में श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया बसंत पंचमी महोत्सव

खैरपुर स्थित आर्यन वर्ल्ड स्कूल में बसंत पंचमी का पावन पर्व आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। देवी सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर विद्यार्थियों ने विद्या व ज्ञान की कामना की।

Jan 25, 2026 - 11:57
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आर्यन वर्ल्ड स्कूल खैरपुर में श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया बसंत पंचमी महोत्सव

UNITED NEWS OF ASIA.महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ खैरपुर। आर्यन वर्ल्ड स्कूल, खैरपुर में आज बसंत पंचमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, आस्था एवं भक्ति भाव के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर प्रातःकाल से ही पीले वस्त्रों, पुष्पों और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। पूरे वातावरण में उत्सव, उल्लास और संस्कारों की अनुभूति स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

कार्यक्रम में विद्यालय के संस्था निर्देशक  एच. एल. यादव, निर्देशिका  सीमा यादव, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, अन्य कर्मचारीगण एवं विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से इस पावन अवसर में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर पंडित अश्विनी कुमार शर्मा के सान्निध्य में विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की विधि-विधान से पूजा, अर्चना एवं आराधना की गई। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुई पूजा में विद्यार्थियों ने पूर्ण श्रद्धा और अनुशासन के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि, विवेक एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पूजन उपरांत विद्यालय प्रबंधन की ओर से छात्र-छात्राओं को प्रसाद का वितरण किया गया। बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता और उल्लास साफ झलक रहा था। इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बसंत पंचमी के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि यह पर्व ज्ञान, सृजनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।

संस्था निर्देशक  एच. एल. यादव ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। वहीं निर्देशिका श्रीमती सीमा यादव ने कहा कि विद्या और संस्कृति का समन्वय ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की नींव है।

कार्यक्रम पूरे विधि-विधान, अनुशासन और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। बसंत पंचमी का यह आयोजन विद्यालय परिवार के लिए एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव बनकर स्मरणीय रहा।