टेट्राई पंचायत के आश्रित गांव तोलनाई में ‘नल-जल’ योजना फेल, 4 साल से सूखा पड़ा नल

सुकमा जिला के कोंटा क्षेत्र अंतर्गत टेट्राई पंचायत के आश्रित गांव तोलनाई में नल-जल योजना के तहत लगाए गए नल से पिछले चार वर्षों से पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पाइपलाइन और जल आपूर्ति व्यवस्था के ही कार्य पूर्ण दर्शा दिया गया, जिससे आदिवासी गांव आज भी पेयजल संकट से जूझ रहा है।

Feb 14, 2026 - 11:14
Feb 14, 2026 - 11:28
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टेट्राई पंचायत के आश्रित गांव तोलनाई में ‘नल-जल’ योजना फेल, 4 साल से सूखा पड़ा नल

UNITED NEWS OF ASIA. पवन कुमार, कोंटा | कोंटा क्षेत्र अंतर्गत टेट्राई पंचायत के आश्रित गांव तोलनाई में नल-जल योजना पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। गांव में लगभग तीन से चार वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से नल और प्लेटफॉर्म का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक उस नल से एक बूंद पानी नहीं आया है।

ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत न तो जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाई गई और न ही पानी की आपूर्ति के लिए किसी प्रकार का जलस्रोत या टंकी की व्यवस्था की गई। केवल नल और प्लेटफॉर्म खड़ा कर कार्य को पूरा दिखा दिया गया। परिणामस्वरूप आदिवासी ग्रामीणों को आज भी दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

मामले की जानकारी मिलने पर कोंटा जनपद उपाध्यक्ष माड़वी हिड़मा गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरी स्थिति जानी। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि नल-जल योजना अधूरी है और चार वर्षों से किसी भी परिवार को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब न तो पाइपलाइन डाली गई और न ही जल आपूर्ति की व्यवस्था की गई, तो फिर निर्माण कार्य को पूर्ण कैसे घोषित कर दिया गया? योजना में खर्च की गई राशि की जवाबदेही आखिर किसकी है? सबसे बड़ा सवाल यह है कि कब तक अंदरूनी आदिवासी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहेंगे।