खबर का असर: मूल शाला लौटी व्याख्याता, पीएम श्री स्कूल में शिक्षण व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

अंबागढ़ चौकी के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल में पदस्थ व्याख्याता नीलिमा अम्बादे को मूल शाला में वापस पदभार ग्रहण करने का आदेश जारी किया गया है। लंबे समय से कन्या आश्रम मक्के में संलग्न रहने के मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की।

Jul 31, 2026 - 11:20
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खबर का असर: मूल शाला लौटी व्याख्याता, पीएम श्री स्कूल में शिक्षण व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान, मानपुर l शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच अंबागढ़ चौकी के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से मूल विद्यालय से अलग कन्या आश्रम मक्के में सेवाएं दे रही राजनीति विज्ञान की व्याख्याता नीलिमा अम्बादे को अब उनके मूल संस्थान में वापस पदभार ग्रहण करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया और लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों के अनुरूप व्याख्याता को मूल विद्यालय में लौटने के आदेश जारी किए। इससे विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर होने और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

मामला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय से जुड़ा है। यहां पदस्थ राजनीति विज्ञान की व्याख्याता नीलिमा अम्बादे को लगभग दो वर्ष पहले आदिवासी कन्या आश्रम मक्के में संलग्न किया गया था। इस दौरान मूल विद्यालय में शिक्षकों की कमी बनी रही, जबकि विद्यालय में पहले से ही छह शिक्षकीय पद रिक्त बताए जा रहे हैं।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पूर्व में जारी आदेशों में सभी संलग्न अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके मूल संस्थानों में वापस भेजने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने तथा ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली (VSK App) के माध्यम से भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद व्याख्याता लंबे समय तक कन्या आश्रम में ही सेवाएं देती रहीं।

स्थानीय स्तर पर लगातार यह सवाल उठाया जा रहा था कि जब विद्यालय में शिक्षकों की कमी है, तब भी मूल पदस्थापना वाले शिक्षकों को अन्य संस्थानों में संलग्न रखना छात्रों के हित में नहीं है। विद्यालय के परीक्षा परिणाम पर भी इसका असर देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय का परीक्षा परिणाम लगभग 36 प्रतिशत रहा, जिसे लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने चिंता जताई थी।

अब व्याख्याता के मूल विद्यालय में लौटने से विद्यार्थियों को नियमित विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध होंगे। इससे राजनीति विज्ञान सहित अन्य विषयों की पढ़ाई बेहतर होने और आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यालय के परीक्षा परिणाम में सुधार की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सभी शिक्षकों को उनकी मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी विभाग संलग्नीकरण संबंधी नियमों का पालन करते हुए विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।