अमन और भाईचारे की दुआओं के साथ अजमेर शरीफ के लिए चादर रवाना, प्रदेश में खुशहाली की कामना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स पर अजमेर शरीफ के लिए चादर रवाना कर प्रदेश और देश में अमन, मोहब्बत और खुशहाली की दुआ की।
UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर। अमन, मोहब्बत और भाईचारे के पैगाम के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से हिंदुस्तान के प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती गरीब नवाज साहब की दरगाह, अजमेर शरीफ के लिए अक़ीदत की चादर रवाना की गई। यह चादर ख्वाजा साहब के 814वें उर्स मुबारक के पावन अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा रवाना की गई। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश और देश में अमन-चैन, आपसी सद्भाव, तरक्की और खुशहाली की कामना की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज का संदेश पूरी दुनिया को इंसानियत, प्रेम और आपसी भाईचारे का रास्ता दिखाता है। उनकी दरगाह पर हर धर्म, जाति और वर्ग के लोग समान श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं। यही भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और साझा संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश को ऐसे ही सूफी विचारों की सबसे अधिक आवश्यकता है, जो नफरत के बजाय मोहब्बत और टकराव के बजाय संवाद का रास्ता दिखाते हैं।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि 26 दिसंबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक एवं उनके प्रतिनिधिमंडल द्वारा अजमेर शरीफ दरगाह में विधिवत चादर पेश की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल द्वारा ख्वाजा गरीब नवाज साहब की दरगाह में देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, सामाजिक सौहार्द और अमन-शांति के लिए विशेष दुआएं की जाएंगी।
चादर रवाना कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस संगठन के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंकज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सकलैन कामदार, पूर्व पार्षद जीतू भारती, असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष वहीदुद्दीन सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसजन शामिल हुए। सभी नेताओं ने एक स्वर में ख्वाजा गरीब नवाज के सूफी संदेश को अपनाने और समाज में प्रेम, एकता एवं भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चादर केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के लिए अमन, चैन और इंसानियत की सामूहिक दुआ का प्रतीक है।