आज मनेगा श्री पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव, जैन समाज करेगा विशेष पूजन विधान

छिंदवाड़ा में सकल जैन समाज द्वारा भगवान श्री पार्श्वनाथ का निर्वाण महोत्सव मोक्षकल्याणक मुकुट सप्तमी के रूप में मनाया जाएगा। नई आबादी गांधी गंज स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जिनालय में विशेष पूजन, श्री पार्श्वनाथ विधान और निर्वाण लाडू अर्पण का आयोजन होगा।

Aug 18, 2026 - 15:47
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आज मनेगा श्री पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव, जैन समाज करेगा विशेष पूजन विधान

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l श्रावण शुक्ल सप्तमी के शुभ अवसर पर सकल जैन समाज द्वारा वर्तमान चौबीसी के 23वें तीर्थंकर 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का मंगलकारी निर्वाण महोत्सव मोक्षकल्याणक मुकुट सप्तमी के रूप में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल एवं अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के जिनशासन सेवकों द्वारा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष पूजन विधान का आयोजन किया जाएगा।

फेडरेशन सचिव दीपक राज जैन ने बताया कि मंगलमय अवसर पर मंडल एवं फेडरेशन के तत्वावधान में नई आबादी गांधी गंज स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जिनालय में निर्वाण महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 7.20 बजे होगा। कार्यक्रम की शुरुआत श्री जिनबिंब प्रक्षालन एवं नित्य नियम पूजन के साथ की जाएगी। इसके पश्चात सुबह 8 बजे से श्री पार्श्वनाथ विधान का मंगलमय आयोजन होगा।

धार्मिक विधान के दौरान श्रद्धालु भगवान श्री पार्श्वनाथ के मोक्षकल्याणक अर्थात निर्वाण महोत्सव की खुशियां भक्तिभाव के साथ मनाएंगे। इस अवसर पर भगवान को निर्वाण लाडू अर्पित किया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महोत्सव को लेकर जैन समाज में उत्साह का वातावरण है और मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।

मंडल एवं फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सकल जैन समाज से महोत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है। मंडल अध्यक्ष शांतिकुमार पाटनी के साथ सुरेन्द्र जैन, सुबोध जैन, जिनेन्द्र जैन, पंकज जैन, वीरेंद्र जैन, रूपेंद्र शास्त्री सहित समस्त पदाधिकारियों ने समाजजनों से निर्धारित समय पर जिनालय पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने का आग्रह किया है।

श्री पार्श्वनाथ भगवान जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर माने जाते हैं और उनके निर्वाण कल्याणक का जैन समाज में विशेष धार्मिक महत्व है। निर्वाण महोत्सव के अवसर पर श्रद्धालु भगवान की आराधना, पूजन और विधान के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। आयोजन के माध्यम से जैन समाज में धार्मिक आस्था, अहिंसा, संयम और आत्मकल्याण की भावना को भी मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।

महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा भक्तिभाव से धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। आयोजकों ने सभी समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान श्री पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव में सहभागी बनने और धर्मलाभ लेने की अपील की है।