राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की बैठक में जातिगत जनगणना और आरक्षण पर हुआ मंथन
छिंदवाड़ा के माली समाज भवन में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की जिला स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में जातिगत जनगणना, ओबीसी के लिए स्वतंत्र जनगणना कॉलम, मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण और महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं की भागीदारी सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन माली समाज भवन, वार्ड नंबर 25 बरारीपुरा, छिंदवाड़ा में प्रदेश अध्यक्ष निरूपा ब्रम्हे के नेतृत्व में किया गया। बैठक में जातिगत जनगणना, ओबीसी आरक्षण और महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं की भागीदारी सहित समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ओबीसी महिला महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नमाला पिसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
रत्नमाला पिसे के प्रथम छिंदवाड़ा आगमन पर ओबीसी सामाजिक बंधुओं एवं जिला माली परिषद छिंदवाड़ा के पदाधिकारियों ने पुष्पमाला से आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ समाजसेवी क्रांतिवीर महात्मा ज्योतिबा फुले और क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद रत्नमाला पिसे ने उपस्थित सामाजिक बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए ओबीसी समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए स्वतंत्र कॉलम दर्ज नहीं किए जाने से ओबीसी वर्ग की वास्तविक जनसंख्या की सही जानकारी सामने आने में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ द्वारा ओबीसी समाज को एकजुट करते हुए अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। दिल्ली के रामलीला मैदान में विभिन्न राज्यों के ओबीसी समाज की एकजुटता प्रदर्शित करने की बात भी बैठक में रखी गई।
बैठक में मध्यप्रदेश में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित लंबित विषयों पर राज्य सरकार से लगातार अनुरोध और निवेदन किया जा रहा है। बैठक में कहा गया कि यदि ओबीसी वर्ग के हित में अपेक्षित निर्णय नहीं लिए जाते हैं तो संगठन अपने स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास जारी रखेगा। महिला आरक्षण में भी ओबीसी महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व और अधिकार मिलने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
विशेष अतिथि भाउराव चरपे, हरिभाउ बाड़बुदे, ज्ञानेश्वर कनेरे, सतीश चैरे, कमलेश गोस्वामी, दिनेश घोरसे, राकेश गुप्ता और गुलवदन चैरिया सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के सामाजिक विचारों से प्रेरणा लेकर समाजहित में कार्य करने की बात कही और राष्ट्रीय ओबीसी महिला महासंघ छिंदवाड़ा के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के आयोजन में निरूपा प्रवीण ब्रम्हे, शुभांगी विजय घोरसे, लकी तुलसीराम चोरकर, सुरेखा राजेश गुप्ता और संगीता दिलीप चरपे की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिलीप चरपे, विजय घोरसे, तुलसीराम चोरकर और सुरेखा राकेश गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन शुभांगी विजय घोरसे ने किया।