नेपानगर में सार्वजनिक शौचालय निर्माण पर उठे सवाल, सेफ्टी टैंक की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
नेपानगर के वार्ड क्रमांक 11 में बन रहे सार्वजनिक शौचालय के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने सेफ्टी टैंक की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि टैंक का निर्माण सीमेंट की ईंटों से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में रखरखाव और उपयोग संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेश किनगे, नेपानगर l नगर पालिका परिषद नेपानगर द्वारा वार्ड क्रमांक 11 में बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालय के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि शौचालय के सेफ्टी टैंक के निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे भविष्य में रखरखाव और स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार सेफ्टी टैंक का निर्माण सीमेंट की ईंटों से किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस प्रकार के टैंक के निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री को लेकर तकनीकी मानकों का पालन किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय तक उसका उपयोग सुरक्षित और प्रभावी ढंग से हो सके। नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो सार्वजनिक शौचालय का सेफ्टी टैंक अपेक्षाकृत जल्दी भर सकता है, जिससे बार-बार उसकी सफाई करानी पड़ेगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर सेफ्टी टैंक की सफाई नहीं हुई तो आसपास दुर्गंध फैलने की संभावना रहेगी और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उनका मानना है कि सार्वजनिक उपयोग के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और टिकाऊपन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में अतिरिक्त खर्च और असुविधा से बचा जा सके।
इस संबंध में नगर पालिका के इंजीनियर से चर्चा किए जाने पर उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल का चयन जनप्रतिनिधि के सुझाव के आधार पर किया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल के चयन के साथ-साथ निर्माण सामग्री और तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 11 में पहले भी गार्डन, नाली और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो सके और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
वहीं, इस मामले में ठेकेदार या नगर पालिका परिषद की ओर से निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता और लगाए गए आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।