नागपंचमी पर नाग देवता को अवैध सपेरों से मुक्त करवाकर पेश की मानवता की मिसाल

नागपंचमी के अवसर पर धमतरी जिले के कुरूद में कुछ सपेरों द्वारा अवैध रूप से कैद कर रखे गए सांपों को वन्यजीव संरक्षण के लिए कार्य कर रहे वैभव जगने और नशा मुक्ति अभियान से जुड़े तुलसी राम साहू के प्रयास से मुक्त कराया गया। वन विभाग के सहयोग से सांपों का रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार कराया गया, जिसके बाद उन्हें प्राकृतिक वातावरण में छोड़े जाने की तैयारी है।

Aug 18, 2026 - 15:35
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नागपंचमी पर नाग देवता को अवैध सपेरों से मुक्त करवाकर पेश की मानवता की मिसाल

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l नागपंचमी के अवसर पर जहां देशभर में लोग धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना में जुटे रहे, वहीं धमतरी जिले में कुछ लोगों ने वन्यजीवों की स्वतंत्रता और संरक्षण का संदेश देते हुए मानवता की मिसाल पेश की। कुरूद क्षेत्र में अवैध रूप से सांपों को कैद कर उनका प्रदर्शन करने और लोगों से रुपये वसूलने की सूचना मिलने पर वन्यजीव संरक्षण के लिए कार्य करने वाले वैभव जगने और नशा मुक्ति के क्षेत्र में सक्रिय तुलसी राम साहू ने तत्काल पहल की।

सूचना मिलते ही वैभव जगने कुरूद पहुंचे और सपेरों के कब्जे में रखे सांपों को मुक्त कराने का प्रयास किया। उन्होंने मामले की जानकारी तत्काल संबंधित वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग के सहयोग से सांपों का रेस्क्यू कराया गया। रेस्क्यू किए गए सांपों को आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया गया है। वन विभाग द्वारा स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रूप से छोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।

इस पहल ने नागपंचमी के पर्व को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ते हुए एक सकारात्मक संदेश दिया है। सांपों को धार्मिक आस्था के नाम पर कैद करने अथवा उनका प्रदर्शन कर आर्थिक लाभ कमाने के बजाय उनके प्राकृतिक आवास और स्वतंत्र जीवन के अधिकार का सम्मान करने की जरूरत पर भी इस घटना ने ध्यान आकर्षित किया है। वन्यजीवों का संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गौरतलब है कि वैभव जगने इससे पहले भी वन विभाग के सहयोग से कई सपेरों के कब्जे से सांपों को मुक्त कराने की पहल कर चुके हैं। वन्यजीवों के प्रति उनके लगाव और संरक्षण की भावना को देखते हुए इस कार्य की सराहना की जा रही है। संवाददाता से बातचीत के दौरान वैभव जगने ने बताया कि उन्हें बचपन से ही वन्यजीवों के प्रति विशेष लगाव रहा है। उनका उद्देश्य जीवनभर वन्यजीवों और वनों के संरक्षण के लिए कार्य करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण का संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को भी खुले और प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का अधिकार है। इसी सोच को अपने जीवन का ध्येय मानते हुए वे लगातार वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रयास करते रहेंगे। नागपंचमी के दिन सांपों को अवैध रूप से कैद रखने से मुक्त कराने की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ-साथ जीवों के प्रति संवेदना और प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देती है।