बिना स्थानीय परामर्श और किसानों की सहमति के नगर विकास योजना लागू करना अनुचित : विधायक अनुज शर्मा

धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिरदा के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नगर विकास योजना की अधिसूचना के विरोध में विधायक अनुज शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने योजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की। विधायक ने कहा कि बिना स्थानीय परामर्श और किसानों की सहमति के योजना लागू करना उचित नहीं है तथा जनता और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए l

Aug 26, 2026 - 10:33
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बिना स्थानीय परामर्श और किसानों की सहमति के नगर विकास योजना लागू करना अनुचित : विधायक अनुज शर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विधानसभा क्षेत्र धरसींवा अंतर्गत ग्राम पिरदा के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नगर विकास योजना की अधिसूचना के विरोध में विधायक अनुज शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने योजना को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि योजना से कृषि और आबादी भूमि प्रभावित होने के साथ ही क्षेत्र के किसानों और परिवारों की आजीविका तथा आवास पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

ग्रामीणों द्वारा विधायक को सौंपे गए आवेदन के अनुसार नगर विकास योजना के तहत ग्राम पिरदा के कुल 879 खसरा और 143.842 हेक्टेयर कृषि एवं आबादी भूमि को योजना में शामिल कर प्रक्रिया शुरू की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना की घोषणा और राजपत्र में अधिसूचना जारी करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भू-स्वामियों और ग्रामीणों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई तथा उनकी सहमति भी नहीं ली गई। ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर आवश्यक परामर्श के अभाव में योजना लागू किए जाने की प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र में चिंता का माहौल है।

ग्रामीणों की चिंताओं पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि यह विषय गंभीर और विचारणीय है। उन्होंने कहा कि यदि योजना वर्तमान स्वरूप में लागू होती है तो कई परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। साथ ही उपजाऊ कृषि भूमि के प्रभावित होने से किसानों और ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं जनता की आवश्यकताओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए, ताकि विकास के साथ नागरिकों के हितों और अधिकारों की भी रक्षा हो सके।

विधायक ने कहा कि क्षेत्र की जनता और अन्नदाताओं के अधिकारों एवं हितों की रक्षा करना उनका दायित्व है। बिना स्थानीय परामर्श और किसानों की सहमति के किसी क्षेत्र में इस प्रकार की योजना लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए तथा किसी भी विकास योजना को लागू करने से पहले प्रभावित लोगों की बात सुनी जानी चाहिए।

अनुज शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को शासन और संबंधित प्राधिकरण के समक्ष मजबूती से रखेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इसी क्रम में विधायक ने मुख्यमंत्री और आवास एवं पर्यावरण मंत्री को पत्र प्रेषित कर ग्राम पिरदा से संबंधित नगर विकास योजना की अधिसूचना को जनहित में तत्काल निरस्त करने का अनुरोध किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं करते, लेकिन ऐसी योजनाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी और प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान आवश्यक है। उनका आग्रह है कि प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण ग्रामीणों से संवाद कर उनकी आपत्तियों और सुझावों पर विचार करें। वहीं विधायक द्वारा शासन स्तर पर विषय उठाए जाने के बाद ग्रामीणों को इस मामले में त्वरित और जनहितकारी निर्णय की उम्मीद है।

मामले में अब शासन और संबंधित प्राधिकरण की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर है। ग्रामीणों की मांग है कि नगर विकास योजना से जुड़े निर्णय में स्थानीय परिस्थितियों, किसानों के हितों, आवास और आजीविका से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।