शुक्ल बंधुओं पर कथित आपत्तिजनक वीडियो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी, समर्थकों में नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर उनके समर्थकों ने कड़ी आपत्ति जताई है। अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने यूट्यूब चैनल और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने तथा वीडियो हटाने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल से संबंधित एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर नया विवाद सामने आया है। शुक्ल बंधुओं के समर्थकों ने वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे तथ्यहीन, भ्रामक और मानहानिकारक बताया है। समर्थकों की ओर से अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने संबंधित यूट्यूब चैनल और उसके संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर "द लोक रस" नामक चैनल पर प्रसारित एक वीडियो में शुक्ल बंधुओं के सार्वजनिक जीवन और व्यक्तित्व को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक और आधारहीन टिप्पणियां की गई हैं। समर्थकों का आरोप है कि वीडियो में बिना किसी प्रमाणिक दस्तावेज या ऐतिहासिक साक्ष्य के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि यह मामला केवल दो नेताओं की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और ऐतिहासिक योगदान से जुड़े व्यक्तित्वों के सम्मान का भी है। उनका कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे समाज में भ्रम फैलने की आशंका है।
प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश सहित देश और विदेश में रहने वाले शुक्ल समर्थकों में नाराजगी है। समर्थकों का कहना है कि शुक्ल परिवार ने छत्तीसगढ़ के विकास, राजनीति और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा इस प्रकार की सामग्री से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मनोज सिंह ठाकुर ने बताया कि समर्थकों की ओर से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति और चैनल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके साथ ही यूट्यूब इंडिया के समक्ष भी कथित मानहानिकारक वीडियो को हटाने और संबंधित चैनल के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
समर्थकों का कहना है कि वे इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे और तथ्यों के आधार पर न्यायिक कार्रवाई की मांग करेंगे। उनका दावा है कि देश-विदेश में रहने वाले समर्थक भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर फिलहाल संबंधित यूट्यूब चैनल या वीडियो निर्माता की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला एक पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और कानूनी कार्रवाई की घोषणा से जुड़ा है। यदि संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया या आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होता है, तो उसे भी समाचार में समान महत्व के साथ प्रकाशित किया जाना चाहिए ताकि सभी पक्षों का दृष्टिकोण सामने आ सके।