भूतेश्वरनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस हादसे का शिकार, सभी सुरक्षित

गरियाबंद में भूतेश्वरनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस पारागांव पुल के पास बारिश के दौरान अनियंत्रित होकर पुल से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं और किसी के चोटिल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली।

Aug 9, 2026 - 16:16
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भूतेश्वरनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस हादसे का शिकार, सभी सुरक्षित

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l गरियाबंद जिले में भूतेश्वरनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस बारिश के दौरान हादसे का शिकार हो गई। हादसा पारागांव पुल के पास हुआ, जहां बारिश के बीच अचानक बस अनियंत्रित हो गई और पुल से जा टकराई। बस के पुल से टकराने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

बताया जा रहा है कि बस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सवार थे, जो भूतेश्वरनाथ धाम के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। बारिश के कारण सड़क पर स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। इसी दौरान पारागांव पुल के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई और पुल से टकरा गई। हादसे के बाद बस में सवार श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा।

हालांकि इस हादसे में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि बस में सवार सभी श्रद्धालु सुरक्षित बताए जा रहे हैं। किसी भी श्रद्धालु के चोटिल होने की सूचना सामने नहीं आई है। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोग भी पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।

बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और लंबा जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की कतार लगने से यातायात व्यवस्था बाधित हुई। सूचना मिलने के बाद गरियाबंद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया।

पुलिस की मौजूदगी में सड़क से वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित कराई गई, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ। हादसे के कारणों और बस के अनियंत्रित होने की परिस्थितियों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

बारिश के दौरान हुए इस हादसे ने एक बार फिर बरसात में सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल हादसे में किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है, जिससे श्रद्धालुओं और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।