किसानों ने रैली के माध्यम से दुर्गूकोंदल ब्लॉक को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। किसानों का कहना है कि बारिश की स्थिति और फसलों पर पड़े असर को देखते हुए उन्हें राहत की आवश्यकता है। इसी के साथ किसानों ने ब्लॉक क्षेत्र के सभी किसानों की कर्जमाफी की मांग भी रखी।
हाथों में तख्तियां लेकर निकली रैली
एक दिवसीय किसान रैली के दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। रैली में अलग-अलग वर्गों के लोगों की भागीदारी रही। महिला-पुरुषों के साथ युवा और किसान भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
रैली के माध्यम से किसानों ने अपनी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खेती से जुड़े लोगों को वर्तमान परिस्थितियों में आर्थिक राहत की जरूरत है।
सूखा घोषित करने की मांग
किसानों ने बारिश की स्थिति और फसल पर पड़े प्रभाव को देखते हुए दुर्गूकोंदल ब्लॉक को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की। किसानों के अनुसार, फसल प्रभावित होने की स्थिति में उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में शासन की ओर से राहत उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
रैली में किसानों ने प्रशासन से क्षेत्र की स्थिति का आंकलन करने और किसानों को आवश्यक राहत देने की मांग रखी। हालांकि, दुर्गूकोंदल ब्लॉक को सूखा प्रभावित घोषित करने संबंधी अंतिम निर्णय शासन-प्रशासन के स्तर पर लिया जाना है।
कर्जमाफी की भी उठी मांग
किसानों ने सूखा घोषित करने के साथ-साथ क्षेत्र के सभी किसानों की कर्जमाफी की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में खेती प्रभावित होने से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में कर्जमाफी से उन्हें राहत मिल सकती है।
किसान रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों और समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाया। अब किसानों की ओर से रखी गई मांगों पर शासन-प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है।
रैली में किसानों की एकजुटता देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते हुए प्रशासन से किसानों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की मांग की।