कार्यक्रम में जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-04 पंडरिया राजकुमार नेताम, सरपंच लीलाबाई, पंच शांतिबाई श्याम, घुलियाबाई मरकाम, शंकर धुर्वे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कृषक शामिल हुए। जल संसाधन विभाग की ओर से अनुविभागीय अधिकारी के.के. शर्मा, स्थल सहायक उमेश तिवारी सहित विभागीय कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
बांध सुरक्षा और जल के उचित उपयोग की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी के.के. शर्मा ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को क्रांति जलाशय की बांध सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने जल के समुचित उपयोग और नहर प्रणाली के नियमित रख-रखाव के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं की सुरक्षा और उनका बेहतर संचालन केवल विभागीय जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों को जलाशय और उससे जुड़ी संरचनाओं के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों ने साझा किए सुझाव
जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों और किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने जल संरक्षण और नहर प्रणाली के बेहतर रख-रखाव को लेकर अपने सुझाव साझा किए। कार्यक्रम में जल के विवेकपूर्ण उपयोग और उपलब्ध जल संसाधनों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा हुई।
ग्रामीणों की सहभागिता के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरचनाओं के प्रति स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
बांध स्थल का संयुक्त निरीक्षण
जनसंवाद कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधियों, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों ने क्रांति जलाशय के बांध स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान जल संरचना की स्थिति का जायजा लिया गया और बांध तथा नहर प्रणाली से संबंधित व्यवस्थाओं को देखा गया।
जल जन सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और कृषकों को जल संरक्षण, बांध सुरक्षा और नहर प्रणाली के रख-रखाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। स्थानीय सहभागिता के साथ जल संसाधनों के संरक्षण और उनके उचित उपयोग को लेकर संवाद को आगे बढ़ाया गया।