नए शिक्षण सत्र पर कांग्रेस का सवाल, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी का लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की कमी और अधूरी व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने स्कूल भवन, पेयजल, शौचालय, पाठ्यपुस्तकों और शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की। यह बयान कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

Jun 30, 2026 - 13:03
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नए शिक्षण सत्र पर कांग्रेस का सवाल, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षकों के रिक्त पद और अधूरी व्यवस्थाओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ये आरोप कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा राज्य सरकार या संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन प्रदेश के अनेक सरकारी स्कूलों में भवन, शौचालय, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। पार्टी के अनुसार, नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया है कि शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने के बावजूद रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां नहीं की गई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि कई सरकारी स्कूलों में अब तक पाठ्यपुस्तकें और स्कूल ड्रेस समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उनका कहना है कि आवश्यक संसाधनों के अभाव में नए सत्र की पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित करना कठिन हो रहा है। कांग्रेस ने सरकार से इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की मांग की है।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के दौरान कई स्कूलों के डायस कोड का विलय किया गया और शिक्षकों के स्वीकृत पदों में कटौती की गई। कांग्रेस का दावा है कि इससे छात्र-शिक्षक अनुपात प्रभावित हुआ है और कई विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। पार्टी ने इस नीति की समीक्षा करने की मांग की है।

कांग्रेस ने विशेष रूप से रायपुर जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों सहित कई स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं है। पार्टी का कहना है कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नियमित भर्ती, बुनियादी सुविधाओं के विकास और समय पर शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।

यह समाचार छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोप और दावे कांग्रेस के हैं तथा इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस विषय पर राज्य सरकार या स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। यदि संबंधित विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए ताकि पाठकों को सभी पक्षों की संतुलित जानकारी प्राप्त हो सके।