गट्टासिल्ली में कृषि अधोसंरचना को मिलेगी नई गति, एफपीओ और प्रस्तावित फूड पार्क का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नगरी विकासखंड के गट्टासिल्ली में एफपीओ और प्रस्तावित फूड पार्क का निरीक्षण कर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

Jun 27, 2026 - 11:02
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गट्टासिल्ली में कृषि अधोसंरचना को मिलेगी नई गति, एफपीओ और प्रस्तावित फूड पार्क का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नगरी विकासखंड के ग्राम गट्टासिल्ली पहुंचकर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) और प्रस्तावित फूड पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एफपीओ द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को अब तक 60 क्विंटल हल्दी बीज का वितरण किया जा चुका है, जबकि लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में नगरी दुबराज धान के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र में सूरजमुखी की फसल तैयार हो चुकी है और इसकी पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि एफपीओ किसानों को संगठित कर उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को हरसंभव संसाधन उपलब्ध करा रहा है और एफपीओ को कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गट्टासिल्ली में नव-निर्मित सामुदायिक भवन का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को इस भवन में बैंक शाखा स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकें तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिले।

इसके बाद कलेक्टर ने प्रस्तावित फूड पार्क के लिए आरक्षित भूमि का निरीक्षण किया और स्थानीय व्यापारियों एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने वन उपज प्रसंस्करण केंद्र तथा कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए भूमि सुरक्षित रखते हुए इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फूड पार्क की स्थापना से कृषि एवं लघु वनोपज का वैज्ञानिक प्रसंस्करण, सुरक्षित भंडारण और बेहतर विपणन संभव होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

कलेक्टर ने पुराने रीपा केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित मशीनों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आवश्यक मरम्मत कर मशीनों को पुनः संचालित करने तथा केंद्र का उपयोग स्वरोजगार एवं ग्रामीण आजीविका गतिविधियों के लिए प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण युवाओं और महिला समूहों के लिए स्थायी आय के अवसर विकसित किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेंद्र सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कौशिक, एसडीएम प्रीति दुर्गम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विमल साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी रोहित बोर्झा, तहसीलदार ख्याति कंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कृषि आधारित अधोसंरचना के विकास के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे।