मोहर्रम के दौरान युवक से बर्बर मारपीट, डायल 112 की कथित देरी पर उठे सवाल

बिलासपुर में मोहर्रम के दौरान ताजिया देखने निकले 18 वर्षीय युवक के साथ कथित रूप से बर्बर मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में दो युवक घायल हुए हैं। परिजनों ने डायल 112 की प्रतिक्रिया में देरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

Jun 30, 2026 - 13:44
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मोहर्रम के दौरान युवक से बर्बर मारपीट, डायल 112 की कथित देरी पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l मोहर्रम के अवसर पर ताजिया देखने निकले 18 वर्षीय युवक के साथ कथित रूप से हुई बर्बर मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था और डायल 112 की आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल युवक के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने नानी-नाना के साथ रहकर पढ़ाई करता है। शनिवार देर रात वह ताजिया देखने घर से निकला था। रात करीब 11 बजे लिंगियाडीह चौक के पास छोटा हाथी वाहन में सवार कुछ युवकों से उसका विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और कथित रूप से युवक के साथ मारपीट की गई।

परिजनों के अनुसार, हमले के दौरान एक युवक के कान के पास लकड़ी के बल्ले से जोरदार वार किया गया, जिससे उसका कान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में एक अन्य युवक भी घायल हुआ। दोनों को गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद मौजूद लोगों ने सहायता के लिए कई बार डायल 112 पर संपर्क करने का प्रयास किया। परिजनों का आरोप है कि पांच से छह बार कॉल करने के बावजूद समय पर कोई पुलिस सहायता नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सरकंडा थाना ले जाया गया, जहां से पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए सिम्स अस्पताल भेजा।

पुलिस के अनुसार, जब टीम पीड़ितों का बयान दर्ज करने सिम्स अस्पताल पहुंची, तब वहां एक कथित आरोपी भी मौजूद मिला। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद मामले में कार्रवाई तेज करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल युवक की स्थिति अभी बयान देने योग्य नहीं है। उसका बयान दर्ज होने के बाद घटना के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल डायल 112 की कथित प्रतिक्रिया को लेकर उठ रहा है। यदि परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह जांच का विषय होगा कि आपातकालीन सहायता समय पर क्यों नहीं पहुंच सकी और क्या इससे घटना की गंभीरता कम की जा सकती थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।