बिहान की दीदियों ने विजय शर्मा को राखी बांधकर दी बधाई, गुजरात डेयरी मॉडल के अनुभव किए साझा
कबीरधाम जिले के बिहान स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और पशुपालकों ने गुजरात के बनासकांठा में डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी मॉडल का शैक्षणिक भ्रमण किया। लौटने के बाद दीदियों ने कवर्धा निवास पहुंचकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की, उन्हें रक्षाबंधन की बधाई देते हुए राखी बांधी और भ्रमण के दौरान सीखी गई आधुनिक डेयरी एवं पशुपालन तकनीकों की जानकारी साझा की। विजय शर्मा ने इस सीख को कबीरधाम में लागू कर ग्रामीण आजीविका और महिला स्वावलंबन को मजबूत करने का आह्वान किया।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले के बिहान स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और पशुपालकों का गुजरात के बनासकांठा स्थित डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का शैक्षणिक भ्रमण उपयोगी और प्रेरणादायी रहा। भ्रमण से वापस लौटने के बाद बिहान समूह की दीदियों ने कवर्धा निवास पहुंचकर उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रक्षाबंधन की बधाई देते हुए विजय शर्मा को राखी बांधी और गुजरात में मिले अनुभवों तथा वहां सीखी गई आधुनिक तकनीकों की जानकारी साझा की।
विजय शर्मा ने सभी दीदियों और पशुपालकों का स्वागत करते हुए उनके अनुभवों को सुना। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक भ्रमण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब वहां से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को अपने गांव तथा जिले में अपनाकर आजीविका के नए अवसर तैयार किए जाएं। उन्होंने प्रतिभागियों से बनासकांठा में देखी गई उन्नत डेयरी व्यवस्था, पशुपालन तकनीक, चारा प्रबंधन, दुग्ध संकलन, गुणवत्ता नियंत्रण और सहकारी मॉडल से मिली सीख को स्थानीय स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि विजय शर्मा के प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूहों की दीदियों और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकांठा में शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया था। इस दौरान दल ने डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। प्रतिभागियों ने उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित आहार एवं चारा विकास, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय तथा दुग्ध संकलन और प्रसंस्करण की आधुनिक व्यवस्था को करीब से समझा।
भ्रमण के दौरान दूध की गुणवत्ता जांच, डेयरी उत्पादों के निर्माण और उनके विपणन की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की गई। इसके साथ ही सहकारी मॉडल के माध्यम से छोटे पशुपालकों को संगठित कर उनकी आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यवस्था को भी समझा गया।
गुजरात से लौटीं बिहान समूह की दीदियों ने बताया कि बनासकांठा में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को केवल व्यक्तिगत आय का माध्यम नहीं माना गया है, बल्कि इसे सामूहिक आर्थिक विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने, दूध की गुणवत्ता बनाए रखने और बेहतर मूल्य दिलाने की व्यवस्थाओं ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। दीदियों ने कहा कि वहां मिली सीख से उन्हें अपने गांवों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से संचालित करने की प्रेरणा मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में सीखी गई उपयोगी तकनीकों और प्रबंधन पद्धतियों को अन्य ग्रामीण महिलाओं तथा पशुपालकों के साथ साझा किया जाएगा। इसके माध्यम से गांवों में सामूहिक रूप से आजीविका के नए अवसर विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बिहान स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। वहीं पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने, बेहतर प्रबंधन तथा बाजार से जुड़ाव के माध्यम से पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कबीरधाम की दीदियों और पशुपालकों का बनासकांठा भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि वहां से मिली सीख को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गुजरात के सफल डेयरी मॉडल से प्राप्त अनुभव आने वाले समय में कबीरधाम में दुग्ध उत्पादन, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।