खेलो इंडिया संवाद में युवाओं ने रखे सुझाव, अरुण साव ने कहा नशामुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित भारत
रायपुर के एनआईटी में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ में उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली देशभर के 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित किया। युवाओं ने खेल सुविधाओं के विस्तार, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, नशामुक्ति, युवा नेतृत्व और शासन में युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर सुझाव दिए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा और यूथ आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा ने भी युवाओं से संवाद किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव शामिल हुए। देशभर में आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वर्चुअली संबोधित किया। देश के विभिन्न स्थानों से लगभग 1600 केंद्रों के माध्यम से 8 लाख से अधिक युवाओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा और यूथ आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान एनआईटी के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और युवाओं ने खेल सुविधाओं के विस्तार, देश में मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने, वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को तैयार करने, नशामुक्ति, युवा नेतृत्व, शासन में युवाओं की भागीदारी और विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत के निर्माण में देश की खेल शक्ति और युवा शक्ति को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने खेलों को व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और देश के गौरव से जोड़ते हुए आधुनिक खेल व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 21वीं सदी का आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खेल विश्वविद्यालयों, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों और प्रतिभा पहचान की व्यवस्थाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया संवाद’ युवाओं के विचारों और सुझावों को खेल नीति तथा विकसित भारत के व्यापक विजन से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के पीछे कठोर परिश्रम और निरंतर प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने और जीवन में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
अरुण साव ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में नशे की ओर नहीं बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार नशा व्यक्ति को कमजोर करता है, जबकि आत्मविश्वास, मेहनत और सकारात्मक सोच युवाओं को आगे बढ़ने की ताकत देती है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए खेलों के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करना, दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना, टीम भावना और मानसिक स्थिरता जैसे गुण सिखाता है। खेल स्वास्थ्य, फिटनेस और पोषण के प्रति भी जागरूकता बढ़ाता है।
यूथ आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा ने युवाओं से केवल सुझाव देने तक सीमित न रहने बल्कि अपनी पहल की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नेतृत्व, शासन-प्रशासन और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए तथा अपने प्रयासों में जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना के साथ काम करना चाहिए।
कार्यक्रम में युवाओं को नशामुक्त रहने की शपथ भी दिलाई गई। आयोजन में एनआईटी के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो, माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी सहित एनआईटी के प्राध्यापक, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।