UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में उर्वरक और कीटनाशी विक्रय में अनियमितता पाए जाने के बाद कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। बेलरगांव क्षेत्र में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया खाद बेचे जाने की शिकायत और खबर सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कराया। जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर घुरावड़ और बेलर क्षेत्र के दो उर्वरक विक्रय केंद्रों पर आगामी 15 दिनों के लिए खाद बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। इसके साथ ही नगरी विकासखंड के छह कीटनाशी विक्रय केंद्रों के विरुद्ध भी 15 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।
बताया गया कि बेलरगांव क्षेत्र में 266 रुपये कीमत वाली यूरिया खाद को कथित तौर पर 500 रुपये में बेचे जाने संबंधी खबर सामने आने के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। विभाग की ओर से संबंधित विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कराया गया और अनुज्ञा अधिकारी सह उप संचालक कृषि, जिला धमतरी द्वारा संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मामले की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी कृषि को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
निर्देश के अनुसार जांच अधिकारी ने 27 अगस्त 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच में मेसर्स के.के. कृषि केन्द्र, घुरावड़ और मेसर्स माधुरी बीज भण्डार में उर्वरक विक्रय से संबंधित विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि हुई। विभाग ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों विक्रय केंद्रों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत आगामी 15 दिनों के लिए उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। संबंधित विक्रय केंद्र संचालकों से अनियमितताओं को लेकर जवाब भी मांगा गया है।
इसी तरह कृषि विभाग द्वारा जिले में कीटनाशी विक्रय केंद्रों की लगातार जांच और निरीक्षण किया जा रहा है। नगरी विकासखंड में छह कीटनाशी विक्रय केंद्रों के निरीक्षण के दौरान भी अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने के बाद कीटनाशी अधिनियम 1968 के प्रावधानों के तहत इन सभी छह विक्रय केंद्रों पर भी आगामी 15 दिनों के लिए कीटनाशी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद और कृषि सामग्री की बिक्री से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में विभाग द्वारा विक्रय केंद्रों की जांच कर अनियमितता मिलने पर कार्रवाई किए जाने से उर्वरक और कीटनाशी की बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कृषि आदानों की बिक्री में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।