शंकरपुर में बाल सुरक्षा को लेकर युवोदय एग्रिकोन की SMC बैठक आयोजित, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर

कोंडागांव जिले के शंकरपुर गांव में युवोदय एग्रिकोन द्वारा शाला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित कर बाल सुरक्षा, बाल अधिकार और बच्चों के समग्र विकास को लेकर जागरूकता फैलाई गई।

Jan 4, 2026 - 11:23
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शंकरपुर में बाल सुरक्षा को लेकर युवोदय एग्रिकोन की SMC बैठक आयोजित, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर

 UNITED NEWS OF ASIA. राज पांडे , केशकाल | कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम शंकरपुर में युवोदय एग्रिकोन संस्था द्वारा बाल सुरक्षा विषय को लेकर शाला प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास को लेकर समुदाय और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

बैठक में विद्यालय के शिक्षकों, संकुल समन्वयक एवं SMC सदस्यों ने मिलकर बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित वातावरण में रहना और पढ़ना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए स्कूल, अभिभावक और समाज सभी की साझा जिम्मेदारी है।

युवोदय एग्रिकोन की ओर से उपस्थित सदस्यों को बाल अधिकारों की जानकारी दी गई तथा बच्चों के साथ होने वाली विभिन्न समस्याओं जैसे शोषण, उपेक्षा, स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति और मानसिक दबाव की पहचान करने के तरीकों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही इन समस्याओं से निपटने के लिए उचित कदम उठाने और संबंधित विभागों से संपर्क करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

बैठक के दौरान बच्चों की सुरक्षा से संबंधित चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी साझा की गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति या बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों में इस हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। यह नंबर 24 घंटे सक्रिय रहता है और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर संकुल समन्वयक प्रहलाद पांडे, प्रधानाध्यापिका हेमलता मरकाम, शिक्षक श्रवण कुमार राठिया, युवोदय एग्रिकोन के ब्लॉक समन्वयक कमल किशोर, स्वयंसेवक धनेश नाईक सहित शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सभी सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने विचार रखते हुए बच्चों के हित में निरंतर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता और प्रशिक्षण गतिविधियों का आयोजन करने पर सहमति बनी, ताकि गांव के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।