उभेगांव में सरपंच के 25 चुनावी वादों पर पंचम अमरोदे ने मांगा हिसाब, ग्राम सभा में रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
छिंदवाड़ा की ग्राम पंचायत उभेगांव में सरपंच चुनाव के दौरान किए गए करीब 25 प्रमुख वादों को लेकर पंचम अमरोदे ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरपंच सुनीता/सुनील डेहरिया को ज्ञापन सौंपकर सभी वादों की बिंदुवार प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने और ग्राम सभा में उनकी वास्तविक स्थिति बताने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l ग्राम पंचायत उभेगांव में सरपंच चुनाव के दौरान जारी किए गए घोषणा पत्र में किए गए करीब 25 प्रमुख वादों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। कार्यकाल लगभग पांच वर्ष पूरा होने के बाद कांग्रेस सेवादल यंग ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत उभेगांव के वार्ड क्रमांक-2 के पंच पंचम अमरोदे ने सरपंच सुनीता/सुनील डेहरिया को ज्ञापन सौंपकर घोषणा पत्र में किए गए वादों की बिंदुवार प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
पंचम अमरोदे का कहना है कि चुनाव के समय ग्रामीणों के सामने गांव के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण वादे किए गए थे। अब कार्यकाल लगभग पूरा होने के बाद ग्रामीणों को यह जानने का अधिकार है कि इनमें से कितने वादे पूरे हुए और कितने अभी भी अधूरे हैं।
पेयजल से लेकर सिंचाई तक के वादे
घोषणा पत्र में प्रत्येक वार्ड में पानी की टंकी, निःशुल्क नल-जल कनेक्शन, कुओं का निर्माण एवं गहरीकरण सहित पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने का वादा किया गया था। किसानों के लिए सिंचाई सुविधा, नहर एवं पाइपलाइन, खेत-तालाब सहित अन्य कार्यों का भी उल्लेख किया गया था। इसके अलावा महिलाओं के लिए 25 स्व-सहायता समूह गठित कर रोजगार से जोड़ने की बात कही गई थी।
गांव में गौशाला एवं चारागाह निर्माण का वादा भी घोषणा पत्र में शामिल था। पंचम अमरोदे ने इन सभी कार्यों की वर्तमान स्थिति ग्रामीणों के सामने रखने की मांग की है।
रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में भी हुए थे वादे
घोषणा पत्र में बेरोजगार युवाओं के लिए पक्की दुकानें और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इसके साथ ही बायोगैस टंकी, वेस्ट हाउस और चौपाल निर्माण का भी वादा किया गया था।
शिक्षा एवं युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मार्शल आर्ट, कराटे, जिम, योग, कोचिंग और कंप्यूटर सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। वहीं खेल मैदान के साथ क्रिकेट, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और कबड्डी जैसी खेल सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई थी।
इसके अलावा वाटर पार्क, चिल्ड्रन पार्क, ओपन जिम, फिटनेस पट्टी, पिकनिक स्पॉट और पर्यटन स्थल विकसित करने जैसे वादे भी घोषणा पत्र में किए गए थे।
पांच साल बाद पंचम ने पूछा—कहां हैं वादे?
पंचम अमरोदे ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरपंच के कार्यकाल के लगभग पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं। ऐसे में ग्रामीण जानना चाहते हैं कि घोषणा पत्र में किए गए 25 प्रमुख वादों में से कितने पूरे हुए हैं और कितने अभी भी कागजों तक सीमित हैं।
उन्होंने मांग की कि घोषणा पत्र के सभी बिंदुओं की प्रगति रिपोर्ट ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर सार्वजनिक की जाए। साथ ही ग्राम सभा की बैठक में घोषणा पत्र पर विशेष चर्चा कर प्रत्येक वादे की वास्तविक स्थिति ग्रामीणों को बताई जाए।
‘बहाने नहीं, अब बिंदुवार हिसाब चाहिए’
पंचम अमरोदे ने कहा कि पांच वर्ष का कार्यकाल किसी भी विकास कार्य की दिशा और प्रगति देखने के लिए पर्याप्त समय है। जनता ने पांच साल के लिए वोट दिया था, केवल चुनावी वादे सुनने के लिए नहीं। अब घोषणा पत्र के हर वादे का हिसाब ग्रामीणों के सामने आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि वादे पूरे हुए हैं तो पंचायत को उनके प्रमाण और पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। वहीं यदि कोई वादा पूरा नहीं हुआ है तो उसके पीछे रहे कारणों की जानकारी भी ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों को दी जानी चाहिए।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छिंदवाड़ा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छिंदवाड़ा, कलेक्टर छिंदवाड़ा और ग्राम सभा उभेगांव को भी जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।