सुशासन तिहार में ग्रामीणों की मांग पर तांदुला जलाशय से छोड़ा गया पानी, राहुद सहित कई गांवों को मिली राहत

बालोद जिले के राहुद और आसपास के गांवों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल और निस्तारी की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों की मांग पर तांदुला जलाशय से नदी और नहरों में पानी छोड़ा गया, जिससे कई गांवों को बड़ी राहत मिली है।

May 23, 2026 - 12:53
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सुशासन तिहार में ग्रामीणों की मांग पर तांदुला जलाशय से छोड़ा गया पानी, राहुद सहित कई गांवों को मिली राहत

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र अंतर्गत राहुद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मांग पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तांदुला जलाशय से नदी और स्थानीय नहरों में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। प्रशासन के इस फैसले से क्षेत्र के कई गांवों में निस्तारी और पेयजल संकट कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, 18 मई 2026 को ग्राम गुरेदा में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में ग्राम गुरेदा सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे थे। भीषण गर्मी और लगातार घटते जलस्तर के कारण ग्रामीणों को निस्तारी और दैनिक उपयोग के लिए पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसी को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन सौंपते हुए तांदुला नदी और नहरों में पानी छोड़ने की मांग की थी।

ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर और कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने मौके पर ही जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों को कहा गया कि तत्काल तांदुला जलाशय से पानी छोड़ा जाए ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके और निस्तारी की समस्या का समाधान हो सके।

प्रशासन के निर्देश के बाद जल संसाधन विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 20 मई 2026 से तांदुला जलाशय से पानी छोड़ना प्रारंभ कर दिया। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता पीयूष देवांग ने बताया कि तांदुला नदी में स्केप के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है, वहीं गुण्डरदेही वितरक शाखा नहर के जरिए भी पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इससे राहुद, गुरेदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी पहुंचने लगा है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से नदी और नहरों में पानी नहीं होने के कारण पशुओं के लिए भी परेशानी बढ़ गई थी। कई गांवों में लोग दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर थे। प्रशासन द्वारा समय पर लिया गया यह फैसला क्षेत्र के लोगों के लिए राहत लेकर आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ है।

सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। तांदुला जलाशय से पानी छोड़े जाने की कार्रवाई को भी प्रशासन की संवेदनशील पहल माना जा रहा है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पानी की उपलब्धता से दैनिक जीवन और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में भी राहत मिलेगी।